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केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी:8वें वेतन आयोग से पहले 53% से 55% हुआ; 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा

नई दिल्ली ,एजेंसी। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार (28 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% बढ़ोतरी की थी।

8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले इस बढ़ोतरी से महंगाई भत्ता 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा। इसका फायदा करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स को होगा।

यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी। डीए की घोषणा में देरी हुई इसलिए अप्रैल के वेतन में पिछले तीन महीनों (जनवरी-मार्च 2025) के एरियर के साथ बढ़ा हुआ डीए भी शामिल होगा।

50,000 बेसिक सैलरी पर हर महीने 1000 रुपए का फायदा

1. पुराना DA (53%):

  • DA = मूल वेतन × DA प्रतिशत
  • DA = 50,000 × 53/100
  • DA = 26,500 रुपए प्रति माह

कुल वेतन (Basic + DA):

  • 50,000 + 26,500 = 76,500 रुपए प्रति माह

2. नया DA (55%):

  • DA = मूल वेतन × DA प्रतिशत
  • DA = 50,000 × 55/100
  • DA = 27,500 रुपए प्रति माह

कुल वेतन (Basic + DA):

  • 50,000 + 27,500 = 77,500 रुपए प्रति माह

कितना बढ़ा:

  • नया DA – पुराना DA = 27,500 – 26,500 = 1,000 रुपए प्रति माह
  • यानी इस कर्मचारी के वेतन में 1,000 रुपए की बढ़ोतरी होगी।

नोट: ये कैलकुलेशन अनुमानित है। इसमें बदलाव हो सकता है।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 7 साल में सबसे कम

आमतौर पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 3% से 4% के बीच होती है, लेकिन इस बार बढ़ोतरी सिर्फ़ 2% है। ये पिछले सात सालों में सबसे कम है। वहीं सरकार आम तौर पर होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले बढ़ोतरी की घोषणा करती है। इस बार घोषणा होली के बाद की गई।

महंगाई से निपटने के लिए दिया जाता है DA

महंगाई बढ़ने के बावजूद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए महंगाई भत्ता यानी, DA दिया जाता है। DA की दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर तय होती हैं, और यह हर 6 महीने में अपडेट होती है (1 जनवरी और 1 जुलाई)।

वास्तविक वेतन में अन्य भत्ते (जैसे TA, CCA) भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन DA सीधे मूल वेतन पर ही लागू होता है।

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स क्या है?

भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरा थोक महंगाई। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं।

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