रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने शराब घोटाला मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। जेल से बाहर निकलकर पायलट ने बयान दिया कि, केंद्र-राज्य की डबल इंजन का काम कांग्रेस पर अटैक करना है।
पायलट ने कहा कि भाजपा की विचारधारा का विरोध करने पर चरित्र हरण करने की कोशिश की जाती है, सरकारी एजेंसी से मनोबल तोड़ने की कोशिश होती है। ये व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं है। देश में जहां-जहां बीजेपी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, वहां विरोध जताएंगे।
पायलट कवासी से मुलाकात के बाद राजीव भवन में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक ले रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश नेतृत्व परिवर्तन, कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति और संगठन विस्तार पर चर्चा हो रही है। मीटिंग में पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव शामिल नहीं हुए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ रायपुर सेंट्रल जेल परिसर में मौजूद छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट।

सचिन पायलट शराब घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे।
चुनावों में हुई हार की समीक्षा और आगामी रणनीतियों पर चर्चा
बैठक में लोकसभा, विधानसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में हुई हार की समीक्षा और आगामी रणनीतियों पर चर्चा हो रही है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस न सिर्फ विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवा चुकी है, बल्कि हाल ही में संपन्न नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत चुनावों में भी करारी हार का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस अधिकांश नगर निगमों में महापौर और पंचायतों में अध्यक्ष पद तक नहीं जीत पाई, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा देखी जा रही है। बैठक में PCC प्रभारी सचिन पायलट के साथ-साथ सहप्रभारी जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, PCC चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व CM भूपेश बघेल समेत कई नेता मौजूद हैं।
राजीव भवन में दोपहर 2 बजे से पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक हो रही है।
संगठन में बदलाव की हो रही चर्चा
यह भी चर्चा हो रही है कि, प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की जरूरत है या नहीं। पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर बदलाव की मांग उठ रही है, जिसमें प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से लेकर जिला अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों को लाने की बात हो रही है।
इसके अलावा, पार्टी उन कमियों को भी दूर करने की रणनीति तैयार करेगी, जिनके कारण लगातार हार का सामना करना पड़ा। इस बैठक से छत्तीसगढ़ कांग्रेस को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तो पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल और गिर सकता है।
डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा कि एक दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ेंगे
क्या होती है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC)?
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी कांग्रेस पार्टी का एक प्रमुख रणनीतिक निकाय होता है, जिसका काम राजनीतिक मामलों पर मंथन करना, चुनावी रणनीति बनाना और संगठन को मजबूत करने के लिए फैसले लेना होता है। यह कमेटी पार्टी के फैसलों में अहम भूमिका निभाती है, खासकर जब पार्टी को पुनर्गठन या हार की समीक्षा करनी होती है।
साव बोले- सबको मालूम है बैठक में क्या होता है
डिप्टी सीएम अरूण साव ने कांग्रेस की बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि, कांग्रेस की समीक्षा बैठकों में होता क्या है। ये सबको मालूम है। जनता क्यों इनसे दूर हो गई। ये अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय एक दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ेंगे और इसका दोषी किसी और को बनाने की कोशिश करेंगे।
