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मुख्यमंत्री ने कहा -:विकास सबका उद्देश्य, मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं होना चाहिए

रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ का विकास हमारा मूल उद्देश्य है। हम सभी के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह बात हमेशा से कायम है। जनप्रतिनिधि के रूप में हमें प्रदेशवासियों के हित में सदैव समर्पित होकर काम करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधायकों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे हमेशा सीखते रहने की बात करते है और निश्चित रूप से सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यहां कई ऐसे विधायक मौजूद हैं, जिनका जनप्रतिनिधि के रूप में लंबा अनुभव है। वे भी इस कार्यक्रम को लेकर बहुत उत्साहित हैं। आप सबकी मौजूदगी साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आप कितने चिंतित हैं। साय ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आपका व्यवहार आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।

जीतने के बाद जिम्मेदारी बढ़ जाती हैः डॉ रमन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में सभी सदस्य लगभग 1 महीने तक सक्रियता के साथ शामिल रहे। इसके तुरंत बाद इस दो दिवसीय आयोजन में आपकी उपस्थिति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा आप लोग सोच रहे होंगे कि जीतने के बाद हमारा प्रशिक्षण क्यों? जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारी और भूमिका बढ़ जाती है, इसलिए हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। आपके पास अपने विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल अपने क्षेत्र के लिए नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए काम करना है।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का लक्ष्य पाने में उपयोगी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का मजबूत मंच है। विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में यह उपयोगी साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने सरकार के सुशासन की संकल्पना के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि ई ऑफिस की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। यदि हमें प्रदेश को आगे ले जाना है तो सभी प्रकार की चुनौतियों से निबटने के लिए तैयार रहना होगा। सीएम ने कहा कि पिछले साल आईआईएम में आयोजित चिंतन शिविर से हमने बहुत कुछ सीखा। इससे विजन डॉक्यूमेंट से लेकर बजट तैयार करने में बड़ी मदद मिली।

आदिवासी सीएम, यह लोकतंत्र की ताकतः महंत डॉ चरणदास मंहत ने कहा विधायक बनते ही हम लीडर बन गए, ऐसा सोचना गलत धारणा है। लीडर बनना एक प्रक्रिया है और हमें यह सीखना होगा। विषम परिस्थितियों से निकलकर जशपुर का एक आदिवासी बेटा आज मुख्यमंत्री बना है। यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत है। हम सभी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की उन्नति है इसे लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। कार्यक्रम में विधायक, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक राम कुमार, आईआईएम के प्रोफेसर सुमीत गुप्ता, संजीव पराशर, अर्चना पराशर उपस्थित थे।

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