कोरबा। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग ने जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बुधवार को विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एक टीपर, दो ट्रैक्टर और तीन स्थानों पर अवैध रूप से भंडारित कुल 1620 घन मीटर रेत जब्त की गई। खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच कर यह कार्रवाई की।

उप संचालक खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में गठित खनिज उड़नदस्ता दल ने सलिहाभाटा, भैसामुड़ा, कटबिटला, कुदमुरमाल, सोनपुरी सीतामढ़ी, बरमपुर, राताखार, पोड़ी, कछार, चुहिया, बाल्को, कसनिया और कटघोरा सहित कई संदिग्ध क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया।
कई संवेदनशील क्षेत्रों में की गई जांच
जांच के दौरान बरमपुर, राताखार और कसनिया क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन करते हुए एक टीपर और दो ट्रैक्टरों को पकड़ा गया।
1620 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला
अभियान के दौरान कछार क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर 600 घन मीटर और 720 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला। वहीं, सोनपुरी सीतामढ़ी क्षेत्र से भी 300 घन मीटर अवैध रूप से संग्रहित रेत जब्त की गई।
इस प्रकार कुल 1620 घन मीटर अवैध रेत जब्त कर संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सभी अवैध भंडारण स्थलों को सील कर दिया गया है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जब्त वाहन पुलिस और जांच चौकी की रिमांड में
खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए टीपर और ट्रैक्टरों को सर्वमंगला पुलिस चौकी, रामपुर थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर कटघोरा की रिमांड में रखा गया है। विभाग अब मामले से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रहा है।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और शासकीय राजस्व की रक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
दोषियों पर होगी एफआईआर
उप संचालक खनिज प्रशासन ने बताया कि अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि अवैध खनन या परिवहन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
