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12 नई संजीवनी एक्सप्रेस मिली, दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी सुविधा

कोरबा। जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को पहले से अधिक मजबूत बनाने स्वास्थ्य विभाग को 12 नई संजीवनी एक्सप्रेस (एंबुलेंस) मिली है। इसके बाद अब दूरस्थ क्षेत्रों के लोकेशन में भी संजीवनी एक्सप्रेस की सुविधा पहुंचाई गई है।

पर्याप्त एंबुलेंस होने से शहरी क्षेत्र में लोगों को आपातकालीन समय पर त्वरित सेवा मिल रही है तो दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों को अस्पताल पहुंचाने निजी वाहनों के भरोसे नहीं रहना पड़ रहा है। समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सा सुविधा मिलने से शहरवासियों के साथ ही दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिली है। नई एंबुलेंस मिलने से पहले पूर्व में 8 एंबुलेंस चल रही थी, जिसमें कई कंडम स्थिति में पहुंच चुकी है। ऐसे में इमरजेंसी सेवा के दौरान कई एंबुलेंस रास्ते में ही ब्रेक डाउन हो जाती थी, वहीं धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ता था। इमरजेंसी में लोगों को अक्सर संजीवनी एक्सप्रेस की सुविधा समय पर नहीं मिल पाती थी।

कई बार एंबुलेंस पहुंचने में देरी की वजह से मरीजों की जान चल जाती थी। जनवरी में संजीवनी एक्सप्रेस के नहीं पहुंचने पर गोढ़ी से अस्पताल पहुंचने में देरी होने से एक महिला की मौत हो गई थी। लेमरू क्षेत्र से किराए के वाहन में मरीज को अस्पताल लाते समय उसने देरी होने से रास्ते में दम तोड़ दिया था। जिले में संजीवनी एक्सप्रेस (एंबुलेंस) की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधा नहीं मिलती थी। जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालय से दूर होने की वजह से एंबुलेंस उपलब्ध होने पर ही रवाना की जाती थी, जिससे कई घंटे अस्पताल पहुंचने में लग जाते थे। ऐसे में तकलीफ बढ़ जाती थी और जान का खतरा भी बढ़ जाता था। लेमरू क्षेत्र जो जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर है, वहां भी सुविधा नहीं थी। अब नई एंबुलेंस को लेमरू स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किया है, जिससे आसपास क्षेत्र के 20 गांव के करीब 16 हजार आबादी को लाभ मिल रहा है।

1 साल में 12 सौ मरीजों को मिली संजीवनी जिले में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इमरजेंसी सर्विस के लिए कॉल आने पर 1200 मरीजों को 108 संजीवनी एक्सप्रेस की एंबुलेंस ने अस्पताल पहुंचाने में मदद की। खासकर हृदयघात, सर्पदंश, सड़क दुर्घटना, प्रसव जटिलताएं और मलेरिया-डेंगू के मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज की सुविधा मिलने से लोगों की जान बचाने में संजीवनी एक्सप्रेस मददगार साबित हुई।

संजीवनी एक्सप्रेस से स्वास्थ्य सुविधा में मजबूती ^सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी के मुताबिक नई संजीवनी एक्सप्रेस के आने के बाद शहरी क्षेत्र के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में मरीजों को आपातकालीन सेवा मिलने लगी है। समय पर इलाज मिलने से स्वास्थ्य सुविधा मजबूत हुई है।

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