कोरबा। कोरबा वन मंडल के पसरखेत इलाके में कोरबा-हाटी मुख्य सड़क पर विशाल किंग कोबरा दिखाई दिया। करीब 14 फीट लंबा यह सांप सड़क किनारे नाले के पास झाड़ियों से निकलकर सड़क पार कर रहा था। इसे देखकर आसपास के लोग घबरा गए।
कई लोग अपनी गाड़ियां रोककर दूर से ही उसे देखने लगे, जिसके चलते कुछ देर के लिए सड़क पर आवाजाही भी प्रभावित रही।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन मंडल अधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश पर और उप वन मंडल अधिकारी सूर्यकांत सोनी की निगरानी में किंग कोबरा को सुरक्षित बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
किंग कोबरा मुख्य सड़क के किनारे था, इसलिए उसके किसी वाहन की चपेट में आने और लोगों के लिए खतरा बनने की आशंका थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सर्प और अन्य सरीसृपों के संरक्षण का काम करने वाली संस्था आरसीआरएस (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी) से संपर्क किया। सूचना मिलते ही संस्था के अविनाश यादव अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी।
मौके पर वन विभाग की टीम पहले से मौजूद थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल के चारों ओर करीब 50 मीटर का घेरा बना दिया गया, ताकि लोग सुरक्षित दूरी पर रहें।
भारी बारिश के बावजूद वन विभाग और आरसीआरएस (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी) की टीम ने करीब एक घंटे की मेहनत के बाद किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा की जांच की गई। उसके पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे उसके प्राकृतिक जंगल के पास सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया गया।
रेस्क्यू के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि अगर कहीं किंग कोबरा या कोई अन्य जहरीला सांप दिखाई दे तो उसे मारने की कोशिश न करें। इसकी जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके और किसी को नुकसान न पहुंचे।
ग्रामीणों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी वन विभाग की इस अपील का समर्थन किया और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने का भरोसा दिया।
