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प्रशिक्षण और लाख किट के नाम पर 15 करोड़ फूंक दिए, किसानों को कौड़ी का भी लाभ नहीं

पूर्व जनपद सदस्य कय्यूम बेग ने कहा – जनपद पंचायत पाली में प्रशिक्षण के नाम पर करोड़ों का घोटाला, कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच की मांग
जांच कार्यवाही तक सीईओ को अन्यत्र स्थानांतरित करने की भी मांग

चेक काटने से क्या भ्रष्टाचार हो जाता है- सोनवानी
कोरबा/पाली। कई आरोप लगने के बाद भी जनपद पंचायत पाली के सीईओ भूपेन्द्र सोनवानी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई है, जिसके कारण जनपद पंचायत पाली में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और मनमानी कार्यशैली चरम पर है। कई सरपंच-सचिव इसलिए परेशान हैं, क्योंकि वे कमीशन देने के खिलाफ है, जिसके कारण उनकी पंचायतों में कई कार्य रूके हुए हैं और जनपद पंचायत पाली द्वारा फंड स्वीकृत नहीं हो रहा है। भाजपा नेता एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष पाली द्वारा जनपद सीईओ भूपेन्द्र सोनवानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और सोनवानी पर 10 प्रतिशत कमीशन का आरोप लगाकर, इसकी शिकायत प्रशासन से लेकर शासन तक की थी।
अब जनपद पंचायत पाली के पूर्व सदस्य मिर्जा कय्यूम बेग ने सनसनी खेज खुलासा करते हुए प्रशिक्षण के नाम पर 15 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए मयदस्तावेज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
जिले की बहुचर्चित जनपद पंचायत पाली एक बार फिर से विवादों में घिरता नजर आ रहा है। जनपद पंचायत पाली में पदस्थ सीईओ भूपेंद्र कुमार सोनवानी पर विगत लंबे समय से सरपंच सचिवों ने कमीशनखोरी का आरोप लगाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की पुरजोर मांग प्रशासन से की थी। सरपंचों की मानें तो शासन द्वारा ग्राम विकास के लिए स्वीकृत किसी भी कार्यों के लिए मोटी रकम बतौर कमीशन के रूप में लिया जाता है। जिसके कारण निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नहीं के बराबर होती है।
सरपंचों द्वारा सीईओ को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को भले ही प्रशासन द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया हो, लेकिन इसका सीधा असर सरकार एवं प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान लगा दिया है और छवि धूमिल हुई है।
वहीं दूसरी ओर पूर्व जनपद सदस्य मिर्जा कय्यूम बेग ने डीएमएफ योजना में प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं हितग्राहियों को सामाग्री वितरण के नाम पर लगभग 15 करोड़ रुपए का घोटाले का आरोप लगाकर उच्च स्तरीय जांच कराने के संबंध में लिखित पत्र/ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है तथा जांच कार्यवाही तक सीईओ को अन्यत्र स्थानांतरित करने की भी मांग की है। श्री बेग ने ज्ञापन में उल्लेख करते हुए कहा है कि यदि जांच कार्यवाही तक सीईओ को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाता है, तो निष्पक्ष जांच को प्रभावित किये जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया है कि डीएम एफ योजना के तहत वर्ष 2020-21 में लगभग 1,89,76,340/- रुपए, 2021-22 में 5,83,59,880/- रुपए तथा 2022-23 में 7,18,11,900/- रुपए केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं हितग्राहियों को सामाग्री वितरण के नाम पर कुल 15 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि स्वीकृत किए गए थे। किंतु धरातल पर कहीं भी ना प्रशिक्षण कार्यक्रम और ना ही हितग्राहियों को सामाग्री वितरण किया गया है। केवल कागजों में ही इतने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।
सीईओ सोनवानी द्वारा नहीं दी जा रही जानकारी
श्री बेग ने बताया है कि डीएमएफ योजना के तहत स्वीकृत इन सभी कार्यों की जानकारी हेतु उनके द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विगत 5 माह पूर्व उनके द्वारा अलग-अलग आवेदन पत्र जमा किया गया था जिस पर सीईओ द्वारा उन्हें पत्र प्रेषित कर राशि जमा करने लिखा गया था, जिसके आधार पर श्री बेग द्वारा संपूर्ण राशि जमा कर दिए जाने के बाद भी सीईओ द्वारा उन्हें जानकारी प्रदान नहीं की जा रही है, जो भ्रष्टाचार की आशंका को और मजबूत करता है।
इस संबंध में श्री बेग ने कलेक्टर कोरबा को ज्ञापन सौंपकर जनपद पंचायत पाली में हुए व्यापक भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा जांच कार्यवाही तक सीईओ को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।
2022 से पदस्थ हैं सीईओ सोनवानी
मिर्जा कय्यूम बेग ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि 15 करोड़ की स्वीकृति तात्कालीन सीईओ व्ही के राठौर के समय कोरोना काल में हुई थी और प्रशिक्षण हेतु एजेंसी भी दी गई थी, लेकिन राठौर का स्थानांतरण पोड़ी-उपरोड़ा हो गया था और इसके बाद ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
राठौर के जाने के बाद करीब 13 करोड़ का चेक सोनवानी ने बिना जांच किए एजेंसियों के नाम काट दिया। यदि सोनवानी ईमानदार अधिकारी हैं, तो कय्यूम बेग द्वारा मांगी गई जानकारी को क्यों नहीं दे रहे हैं, जबकि जानकारी मांगे 5 माह बीत गए।
चेक काटने से क्या भ्रष्टाचार हो जाता है- सोनवानी


पाली जनपद सीईओ ने कहा कि एजेंसियों को भुगतान मैंने ही किया है। उन्होंने कहा कि क्या चेक काटने से भ्रष्टाचार हो जाता है।
मयदस्तावेज कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन की प्रतिलिपि-

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