चिता पर मासूम को देखकर रो पड़ी भीड़,पत्नी बोली; नक्सलियों को मिले इससे बदतर मौत
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर नक्सल ब्लास्ट में शहीद दंतेवाड़ा के जवान सुदर्शन वेट्टी का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। उससे पहले चिता पर सुदर्शन के 2 महीने के बेटे अयान को लाया गया। जिसने पिता को अंतिम विदाई दी। वो ठीक से पापा की गोद में खेल भी न सका था कि, उसके सिर से पिता का साया उठ गया।
दरअसल, 2 महीने का यह बच्चा भीड़-भाड़ में घबरा रहा था। इस कदर पिता की चिता पर बच्चे को देखकर पूरी भीड़ रो पड़ी। पत्नी ने कहा कि, नक्सलियों को मेरे पति से भी बदतर मौत मिलनी चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जब यह वीडियो देखा, तो उन्होंने लिखा कि, नक्सलियों कान खोलकर सुन लो हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

सुदर्शन की पिछले साल ही शादी हुई थी, बेटे के जन्म के बाद से ही नक्सल ऑपरेशन में थे। बच्चे के साथ वक्त न बिता सके छत्तीसगढ़ के लिए शहीद हुए।
जिस दिन 2 महीने का हुआ बच्चा उसी दिन पिता शहीद
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाए। भीड़ में पीछे बदहवास रोती हुई शहीद सुदर्शन की पत्नी प्रमिला तिलम भी चल रही थी। उसी की गोद में 2 महीने का अयान रो रहा था। अब यह बच्चा कभी अपने पिता की गोद में नहीं खेल पाएगा।
प्रमिला ने मीडिया से कहा कि, जो मौत मेरे पति को मिली है, उससे बदतर मौत नक्सलियों को मिलेगी। सुदर्शन वेट्टी की पिछले साल ही 2024 जून में शादी हुई थी। दुखद इत्तेफाक है कि जिस 6 तारीख को अयान ने जिंदगी के 2 महीने पूरे किए, उस दिन ही उसके पिता नक्सलियों के हमले में शहीद हो गए।
शहीद की पत्नी अपने बच्चे के साथ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने दंतेवाड़ा में इस परिवार से मुलाकात कर हौसला बढ़ाया था।
ऐसा हुआ ब्लास्ट की दूर पेड़ पर गाड़ी का मलबा मिला, जवानों के शव के टुकड़े चारों तरफ बिखरे हुए थे।
6 जनवरी को नक्सलियों ने किया था ब्लास्ट
बता दें कि, बीजापुर जिले में नक्सलियों ने 6 जनवरी को जवानों को लेकर जा रहे वाहन को ब्लास्ट कर उड़ा दिया था। हमले में दंतेवाड़ा DRG के 8 जवान शहीद हो गए और एक ड्राइवर की भी मौत हो गई। आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने बताया कि, संयुक्त ऑपरेशन पार्टी ऑपरेशन पूरा कर वापस लौट रही थी।
अंबेली गांव के पास नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया था। धमाका इतना जोरदार था कि सड़क पर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी के कुछ पार्ट्स 30 फीट दूर एक पेड़ पर 25 फीट ऊंचाई पर मिले।
शहीद के अंतिम संस्कार में इलाके के सभी लोग पहुंचे, बच्चे को जब पिता की चिता पर देखा गया तो सभी की आंखें नम थीं।
CM ने नक्सलियों को दी चेतावनी
सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर बच्चे का वीडियो शेयर कर लिखा कि, शहीद सुदर्शन की शहादत को छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। 2 महीने के एक मासूम और अबोध बेटे ने अपने शहीद पिता को अंतिम विदाई देने का यह मार्मिक दृश्य, हर दिल को झकझोर देने वाला है। सुदर्शन जैसे वीर हमारे छत्तीसगढ़ की शान हैं।
उनके और अन्य शहीदों के बलिदान ने नक्सल उन्मूलन के हमारे संकल्प को और मजबूत किया है। नक्सली कान खोलकर सुन ले, हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारी सरकार नक्सलवाद के इस नासूर को तय समय-सीमा में समूल खत्म करने के लिए संकल्प-बद्ध है।
शहीद सुदर्शन बस्तर फाइटर के जवान थे, बस्तर के नक्सलियों से लड़ने के लिए ट्रेंड थे, मगर धोखे से नक्सलियों ने छुपकर मारा।
इस हाल में जवानों के शव घटना स्थ्ल से मिले थे, शरीर के चिथड़े हो चुके थे, ब्लास्ट में 50 किलो बारुद इस्तेमाल हुआ था।
