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20 बस ऑपरेटर्स ने नहीं दिया किराया, दफ्तर सील:बिलासपुर में निगम का 1.67 करोड़ किराया बकाया, बार-बार नोटिस के बाद कमिश्नर ने लिया एक्शन

बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर नगर निगम ने तिफरा हाईटेक बस स्टैंड परिसर में किराया नहीं चुकाने वाले 20 बस संचालकों के दफ्तर सील कर दिए हैं। इन संचालकों पर साल 2022 से कुल 1.67 करोड़ रुपये का किराया बकाया था। निगम ने कई बार नोटिस देकर भुगतान करने का मौका दिया, लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं की।

इसके बाद निगम कमिश्नर के निर्देश पर राजस्व और अतिक्रमण अमले ने कार्रवाई करते हुए दफ्तरों को सील कर दिया।

निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सभी 20 कार्यालयों पर अलग-अलग बकाया है। किसी पर 7 लाख से 23 लाख रुपए तक किराया बकाया है। अधिकांश ने वर्ष 2022 के बाद नियमित किराया जमा नहीं किया। ब्याज सहित बकाया बढ़ने से निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसके लिए निगम की तरफ से सभी बकायादारों को कई बार नोटिस दिया गया।

आय का मुख्य जरिया है भवन किराया, अब बाकी बकायादारों पर भी एक्शन

अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक संपत्तियों से मिलने वाला किराया नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राशि से सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। इसलिए बड़े बकाएदारों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की गई है।

तिफरा बस स्टैंड के बाद अन्य निगम बाजारों और व्यावसायिक परिसरों के बकायेदारों पर भी कार्रवाई होगी। भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ बेदखली, अनुबंध निरस्तीकरण और दोबारा आवंटन जैसी वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

7 से 23 लाख तक का बकाया, फिर भी नहीं चुकाया किराया

तिफरा हाईटेक बस स्टैंड की जिन 20 दुकानों को निगम ने सील किया है, उन ​किसी का 7 लाख तो किसी का 23 लाख रुपए तक का किराया बकाया है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार अधिकांश दुकानदार वर्ष 2022 से नियमित रूप से किराया जमा नहीं कर रहे थे। कई बार नोटिस जारी कर भुगतान के लिए समय दिया गया, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं होने पर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की।

निगम अधिकारियों का कहना है कि सभी दुकानदारों से पूरी बकाया राशि वसूलने के बाद ही दुकानों की सील खोली जाएगी। वहीं, अन्य निगम बाजारों में भी बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इन बस संचालकों के कार्यालय सील

जिन बस संचालकों के विरुद्ध की गई उनमें सोहेल शर्मा (वंदे भारत बस सर्विस), शहनवाज खान, अली अहमद (राजधानी बस सर्विस), अरुण लाट (सर्वमंगला बस सर्विस), जितेंद्र यादव, हनुमान ट्रैवल्स, अली राजा (कैपिटल बस सर्विस) गुरदीप सिंह (कस्तूरिया बस सर्विस), नीलिमा दुबे (दुबे ट्रैवल्स) इश्तियाक अहमद (आदर्श बस सर्विस), भोला प्रसाद (आशीष ट्रैवल्स) शिव ठाकुर, भंजन सिंह(यश ट्रैवल्स, हितेश ट्रैवल्स) हरवेश सिंह जुनेजा (जुनेजा बस सर्विस) नीरज राय (रितिका बस सर्विस), अखिलेश पाठक, लक्की यादव तथा राकेश खुरेज (जयेश बस सर्विस) शामिल हैं।

किराया नहीं मिला तो बस स्टैंड का रखरखाव भी बिगड़ा

तिफरा हाईटेक बस स्टैंड से नियमित किराया नहीं मिलने का असर वहां आने वाले यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी दिख रहा है। बस स्टैंड परिसर में कई जगह साफ-सफाई ठीक नहीं है, प्रतीक्षालयों का रखरखाव कमजोर हो गया है, कई कुर्सियां टूट चुकी हैं और शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं है। बारिश के समय जलभराव की समस्या भी देखने को मिलती है।

पहले इस बस स्टैंड का संचालन सीएसआईडीसी के पास था, बाद में इसे नगर निगम को सौंप दिया गया। निगम ने इसके सुधार के लिए करीब 1.95 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था, जिसमें मरम्मत, रंग-रोगन, बिजली व्यवस्था, प्रतीक्षालय और पेयजल जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम शामिल था।

निगम का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों से मिलने वाला किराया ही ऐसे विकास कार्यों का मुख्य स्रोत होता है।

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