कोरबा। कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 29 मुड़ापार स्थित दशहरा मैदान में निर्माणाधीन मंच का छज्जा गिरने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मंच के पास मौजूद लोग समय रहते वहां से हट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और काम की निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं।
नगर निगम की ओर से पिछले कुछ महीनों से ठेकेदार के जरिए दशहरा मैदान में मंच का निर्माण कराया जा रहा है। यह काम खनिज न्यास मद से 10 लाख रुपए की लागत से किया जाना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंच की ढलाई के करीब 24 घंटे के भीतर ही उसका मलबा गिर गया, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।
लोगों ने लगाए लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उनका कहना है कि खनिज न्यास मद से मिलने वाली राशि का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। संबंधित ठेकेदार का नाम अश्वनी चौबे बताया गया है। लोगों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद बोले- पहले ही की थी शिकायत
घटना की जानकारी मिलने के बाद वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद गोपाल कुर्रे मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पार्षद के मुताबिक, मंच की ढलाई से पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने ठेकेदार को कई बार समझाने के साथ अधिकारियों से भी निर्माण को लेकर बात की थी।
पार्षद ने बताया कि उन्होंने 16 तारीख को लिखित शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बाद किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया।
अधिकारी के बयान पर भी सवाल
पार्षद के मुताबिक, अधिकारी तपन तिवारी ने उनसे कहा था कि “ऐसे हादसे होते रहते हैं।” पार्षद ने इस जवाब को गलत बताते हुए अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अधिकारी की पोस्टिंग के बाद से उन्होंने कभी वार्ड का दौरा नहीं किया।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि ढलाई के दौरान मंच का गिरना नगर निगम के कामकाज और खर्च की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में पैसों का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
अधिकारी के निलंबन और ठेकेदार पर FIR की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधि रवि सिंह चंदेल ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने ठेकेदार अश्वनी चौबे को ब्लैकलिस्ट करने और FIR दर्ज कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे नगर निगम आयुक्त का घेराव करेंगे।
फिलहाल घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत कार्रवाई और तकनीकी जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।
