सक्ती। सक्ती जिले के ग्राम केसला में जिला प्रशासन ने अवैध उर्वरक भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 3.87 टन (86 बोरी) यूरिया उर्वरक जब्त किया गया है। जब्त यूरिया के बिक्री पर बैन लगा दिया गया है। यह कार्रवाई किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश और उप संचालक कृषि तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में जिले में उर्वरक भंडारण और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। एक शिकायत के आधार पर सक्ती विकासखंड के ग्राम केसला में जिला और विकासखंड स्तरीय निगरानी दल ने संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एक निजी भवन में बड़ी मात्रा में उर्वरक भंडारित पाया गया। जांच में पता चला कि यह उर्वरक मेसर्स मयंक ट्रेडर्स की प्रोपराइटर उमा राठौर द्वारा भंडारित कराया गया था। फर्म प्रतिनिधि की उपस्थिति में 3.87 टन यूरिया जब्त कर उसे सुपुर्दगी में रखा गया और उसके विक्रय पर तुरंत रोक लगा दी गई।
कालाबाजारी पर विभाग की कड़ी निगरानी
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित भंडारण पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक सक्ती, डभरा और जैजैपुर विकासखंडों में कुल 7 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से शिकायत दर्ज कराने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अन्य अनियमितताओं की जानकारी तत्काल निकटतम कृषि कार्यालय को दें, ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अवैध खनिज परिवहन पर 4 वाहन जब्त
वहीं, अवैध खनिज परिवहन और ईंट भट्ठा संचालन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने चार वाहनों को जब्त किया और कई अवैध ईंट भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। उड़नदस्ता दल ने ग्राम बिर्रा और चंद्रपुर में जांच अभियान चलाया।
इस दौरान बिर्रा में अवैध ईंट परिवहन के दो मामले सामने आए, जबकि चंद्रपुर में अवैध चूनापत्थर परिवहन के दो मामले दर्ज किए गए। कुल चार वाहनों को जब्त कर बिर्रा और चंद्रपुर थानों में सुरक्षित रखा गया है।
जांच के दौरान विभाग ने अवैध ईंट भट्ठा निर्माण और संचालन से जुड़े कई व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इनमें ग्राम पुटीडीह के टेकलाल साहू और दिलीप कुमार साहू, ग्राम तुलसीडीह के मोतीलाल प्रजापति, प्यारे लाल प्रजापति, किशोर प्रजापति और छेवारीपाली के किशन भारद्वाज और इंद्रजीत प्रजापति शामिल हैं।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। खनिज विभाग के अनुसार, इन सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 और खान-खनिज (विकास-विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
