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3 कर्मचारियों ने पोस्टमॉर्टम के लिए 2 हजार मांगे…

कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मामला, पीड़ित परिवार ने चंदा कर पैसे दिए

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में सोमवार देर रात रोड एक्सीडेंट​​​​​​ में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 3 कर्मचारियों ने पीड़ित परिवार से 2 हजार रुपए की डिमांड की। परिवार ने चंदा कर 1700 रुपए दिए। जिसका वीडियो भी सामने आया है।

मामला जिला अस्पताल पुलिस चौकी क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक का नाम राहुल मरावी (20) है, जो ग्राम अरदा रहने वाला था। तेज रफ्तार ऑयल टैंकर की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। वहीं, पीएम के लिए पैसे मांगने पर अस्पताल प्रबंधन कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।

इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के पैसे भी वापस कराए। इस मामले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पैसे मांगने वाले सफाई कर्मचारी चैनया, रवि कुमार और बली पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ताकि दोबारा ऐसा किसी के साथ न हो।

परिवार ने चंदा कर कर्मचारियों को पैसे दिए।

तीन सफाई कर्मचारियों ने पोस्टमॉर्टम के लिए 2 हजार रुपए मांगे।

पोस्टमॉर्टम के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में परिजन मौजूद रहे।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, राहुल मरावी बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम अरदा का रहने वाला था और रोजी-मजदूरी करता था। पिछले कुछ दिनों से अपने रिश्तेदार अर्जुन मरकाम के घर रहकर काम कर रहा था। सोमवार की देर शाम वह अर्जुन के साथ बाइक से बस स्टैंड की ओर आया था।

कुछ देर घूमकर आने की बात कहकर राहुल वहां से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में कसनियां के पास सड़क हादसे में एक युवक के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर अर्जुन ने घायल युवक को राहुल के रूप में पहचाना। तेज रफ्तार ऑयल टैंकर की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हुआ था।

मामले में जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने मर्ग कायम कर लिया है।

इलाज के दौरान युवक की मौत

अर्जुन ने निजी वाहन से राहुल को कटघोरा के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई और शव को मॉर्च्युरी में रखा गया। मंगलवार सुबह पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज कर पंचनामा किया।

पैसे देने में असमर्थता जताई, नहीं माने कर्मचारी

आरोप है कि इसी दौरान तीन सफाई कर्मचारियों ने परिवार वालों से पोस्टमॉर्टम के लिए 2 हजार रुपए की मांग की। उन्होंने पैसे देने में असमर्थता जताई। यह भी आरोप है कि कर्मचारियों के नहीं मानने पर रिश्तेदारों और परिचितों से चंदा कर 1700 रुपए की व्यवस्था की गई।

अस्पताल प्रबंधन ने पैसे वापस कराए

तब जाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। इधर मामले की जानकारी मिलने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर ने मॉर्च्युरी में तैनात कर्मचारियों को फटकार लगाई और पीड़ित परिवार से ली गई रकम वापस कराए।

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