DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

जांजगीर-चांपा में रिटायर्ड कर्मचारी से 32 लाख की ठगी:ठगों ने खुद को बताया CBI अधिकारी, मनी लॉन्ड्रिंग-डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी

जांजगीर-चांपा । छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में रिटायर्ड कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 32 लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई है। ठगों ने खुद को CBI का अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठ लिए। चार अलग-अलग खातों में 6 बार पैसे ट्रांसफर किए गए। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, शंकर नगर कॉलोनी में रहने वाले तुषारकर देवांगन (65) सिंचाई विभाग से रिटायर्ट कर्मचारी हैं। जिन्हें 15 दिनों तक को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर ठगों ने 32,54,996 रुपए की रकम वसूल लिए। 3 जुलाई को उनके वॉट्सऐप पर कॉल आया है। रिसीव करने पर ठगों ने अपना नाम विजय खन्ना और रश्मि शुक्ला बताया। साथ ही खुद को टेलीकाम आथारिटी और सीबीआई प्रोसेसिंग अधिकारी बताया।

वॉट्सऐप पर वारंट भेजा

इसके बाद उन्होंने लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। फिर वॉट्सऐप पर वारंट की फोटो भेज दी। इसके अलावा नरेश गोयल नाम से एक फोटो भेजा और बताया कि ये कैनरा बैंक मुंबई के लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है। ठगों ने अकाउंट जांच की बात कही और डिजिटल अरेस्ट कर जेल भेजने की धमकी दी। साथ ही चार अलग-अलग बैंक अकाउंट के डिटेल भेजे। जिस पर रिटायर्ट कर्मचारी ने फोन-पे के जरिए पेमेंट कर दिया।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

जब ठगों का नंबर बंद आया तो उन्होंने थाने में शिकायत की। तब जाकर इस पूरे ठगी का खुलासा था। इस मामले में सीएसपी कविता ठाकुर ने बताया कि ठगों ने कोलाबा पुलिस स्टेशन में लॉन्ड्रिंग केस दर्ज करने की धमकी देकर रिटायर्ड कर्मचारी से ठगी की है। कोतवाली पुलिस केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।

Exit mobile version