जगदलपुर,एजेंसी। नक्सलियों का महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सेंट्रल कमेटी मेंबर मिलिंद तिलतुमड़े का एनकाउंटर हुआ। अब सेंट्रल कमेटी मेंबर रामधेर, प्रवक्ता अनंत और SZCM कबीर ने अपने 33 साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। हालांकि, छोटा दीपक समेत कुछ छिटपुट नक्सली बचे हैं, जो सरेंडर करने की कोशिश में हैं।
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन 3 राज्यों के बॉर्डर को नक्सलियों ने अपना MMC जोन बनाया था। MMC जोन में करीब 40 से 45 नक्सली ही सक्रिय थे। जानकारी के अनुसार अब छोटा दीपक के साथ 5 से 6 पार्टी सदस्यों की एक छोटी टीम ही बची है। छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि इनके सरेंडर करने के बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर का इलाका नक्सल मुक्त हो गया।
नक्सलियों ने MMC जोन में कैसे खड़ी की अपनी टीम ? संगठन कैसे बिखरा ? और कहानी रामधेर की, जिसे हिड़मा से पहले सेंट्रल कमेटी मेंबर बनाया गया था…
रामधेर मज्जी ने सोमवार को 11 साथियों के साथ खैरागढ़ में सरेंडर किया है।
नक्सलियों ने पुलिस को हथियार भी सौंपे हैं। सभी पर कुल 2.95 करोड़ रुपए का इनाम था।
सरेंडर नक्सलियों को गुलाब का फूल और संविधान की प्रति देकर स्वागत किया गया।
नक्सलियों ने कैसे खड़ी की थी अपनी टीम
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2014 से 2016 के बीच नक्सलियों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर को MMC जोन के रूप में डेवलप किया था। सेंट्रल कमेटी मेंबर मिलिंद तिलतुमड़े को यहां का प्रभार दिया गया था। तब हथियारबंद नक्सलियों की संख्या करीब 80 से 100 से ज्यादा की थी।
नक्सलियों ने MMC जोन में 2 डिवीजन बनाए थे। जिनमें गोंदिया-बालाघाट-राजनांदगांव (GBR) और कान्हा-भोरमदेव (KB) डिवीजन था। तब नक्सली मंगू को GBR का प्रभारी बनाया गया था, वहीं KB का प्रभारी सुरेंद्र उर्फ कबीर था। SZCM अनंत को पूरे MMC जोन का प्रवक्ता बनाया गया था। नक्सलियों की ये टीम लगातार खुद को मजबूत कर रही थी।

खैरागढ़ में नक्सलियों ने हथियार के साथ सरेंडर किया है।
कैसे बिखरा संगठन
दरअसल, साल 2021 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में C-60 कमांडोज और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। जहां जवानों में MMC जोन के प्रभारी मिलिंद तिलतुमड़े समेत 26 नक्सलियों का एनकाउंटर किया था। यह MMC जोन के लिए सबसे बड़ा झटका था। इसके बाद इलाके में लगातार नक्सलियों पर फोर्स का दबाव बढ़ता गया।
वहीं साल 2023 में नक्सली लीडर और GBR (गोंदिया, बालाघाट और राजनांदगांव) डिवीजन का प्रभारी मंगू की मौत हो गई थी। इसी दौरान नक्सल संगठन ने नक्सली रामधेर को CCM बनाकर इस इलाके में भेजा था। रामधेर बीजापुर जिले का रहने वाला है। ये हिड़मा का सीनियर लीडर है। हालांकि, रामधेर की चर्चा नक्सल संगठन में बहुत ज्यादा नहीं थी।
रामधेर उर्फ मज्जी (53) पर 1 करोड़ 05 लाख का इनाम घोषित था।
हिड़मा से पहले बना CCM
दावा था कि माड़वी हिड़मा बस्तर का पहला नक्सली था, जिसे सेंट्रल कमेटी में शामिल किया गया था। जबकि नक्सलियों ने हिड़मा से पहले बस्तर के बीजापुर जिले के रहने वाले रामधेर को साल 2023 में सेंट्रल कमेटी मेंबर बनाया था। हालांकि, नक्सल संगठन ने कभी भी अपने पर्चों में CCM रामधेर का जिक्र नहीं किया था।
माड़वी हिड़मा साल 2024 में सेंट्रल कमेटी मेंबर बना था। हिड़मा पर 1 करोड़ का इनाम था। वहीं रामधेर उर्फ मज्जी (53) पर 1 करोड़ 5 लाख का इनाम घोषित था।
छोटा दीपक के सरेंडर करने की खबर
जानकारी के मुताबिक छोटा दीपक भी सरेंडर कर सकता है। अभी MMC जोन में सिर्फ यही बचा है। यदि दीपक सरेंडर कर लेता है तो इस इलाके में नक्सली खत्म हो जाएंगे। इसके साथ करीब 5 से 6 ही पार्टी कमेटी के नक्सली हैं। अब छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं, जिससे नक्सलियों का MMC जोन खत्म हो गया है।
शाह का लक्ष्य- 31 मार्च 2026 तक नक्सल का खात्मा
एजेंसी सोर्सेस के मुताबिक गृहमंत्री शाह ने नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। सुरक्षाबल लगातार इस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं।
