संवाददाता साबीर अंसारी
बाँकी मोगरा:– थाना क्षेत्र बाकी मोगरा में बीते दिनांक 04/07 को दो नंबर बस्ती सब स्टेशन मोगरा मैदान में एक अज्ञात व्यक्ति की लहू लुहान शव मिली थी। मृतक की पहचान अश्वनी पाठक उर्फ पिंटू उम्र लगभग 38 वर्ष के रूप में हुई थी, जो अयोध्या पूरी जेलगांव थाना दर्री का निवासी था।

खून से लथपथ शव की सूचना पर बाकी थाना के थानेदार चमन लाल सिन्हा अपने पुलिस दल के साथ घटनास्थल पहुंच घटने की जानकारी आला अधिकारियों को दी और उनके द्वारा दिए गए निर्देश पर आगे की कार्यवाही शुरू की, मौके पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड के टिम को भी घटना स्थल पर बुलाया गया। बारीकी से जांच करने के बाद शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया गया।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिन ठाकुर के मार्गदर्शन नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मामले को गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश शुरू की गई, घटनास्थल पर कुछ खास सुराग न मिलने की स्थिति में मामला पेचीदा लग रहा था फिर टिम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल खंगालना शुरू किया जिसके बाद उसी के आधार पर संदेहजनक व्यक्तियों से पूछताछ कर आगे बढ़े पूछताछ के दौरान एक के बाद एक नया राज सामने आ रहा था पर पुलिस ने कोई जल्दबाजी नहीं की और कॉल डिटेल और लोकेशन मिलने के आधार पर संदेह अंजू पाठक पर गया जो वर्तमान में दूसरी बीवी के रूप में मृतक के साथ रह रही थी उससे पूछताछ शुरू की फिर उसने एक के बाद एक राज बताना शुरू किया जिसमें दो लोगों के नाम सामने आए एकलव्य यादव उर्फ सीटू और अजय चौहान फिर तीसरा नाम सामने आया रंजीत मेहरा, कड़ाई से पूछताछ करने पर यह बात सामने आई कि मृतक पिंटू पाठक की हत्या की योजना अंजू पाठक ने ही बनाई और हत्या करने के लिए एकलव्य यादव और अजय चौहान की मदद ली जबकि ये दोनों मृतक के सबसे करीबी दोस्त थे,, इन्होंने पिंटू को धोखे से बाकी मोगरा सब स्टेशन के सामने मैदान में बुलाया और आते ही बेरहमी से चाकू से वार कर के हत्या कर दिया।
•आरोपी – एकलव्य यादव उर्फ सीटू 20 वर्ष इंदिरा नगर जमनीपाली
•आरोपी – अजय चौहान 32 वर्ष इंदिरा नगर जमनी पाली
•आरोपी – रंजीत सिंह मेहरा 50 वर्ष सरगबुंदिया थाना ऊर्गा •आरोपिया –अंजू पाठक 30 वर्ष cseb कॉलोनी दर्री
पुलिस के बताए अनुसार हत्या करने के बाद ये दोनों आरोपी भागने की कोशिश किए पर टेक्नोलॉजी के वजह से ज्यादा दूर नहीं जा पाए और 6 जुलाई को शाम तक घटना के 48 घंटे के भीतर आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आ गए। आरोपी को माननीय न्यायालय में हाजिर कर उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया।
कोरबा पुलिस की सूझबूझ और संयुक्त प्रयासों से इस अंधे कत्ल की गुत्थी 48 घंटे में ही सुलझा दी, विशेष टीम में बाकी मोगरा थाना प्रभारी चमन सिन्हा, दर्री थाना प्रभारी ललित चंद्रा, साइबर सेल एवं तकनीकी विश्लेषण टिम शामिल रह अपना अहम योगदान दिया।
मृतक पिंटू पाठक अंजू को अपनी दूसरी पत्नी के रूप में अपना कर पत्नी का दर्जा देकर अपने साथ रख अपना जीवन गुजर बशर कर रहा था, पर अंजू कुछ दिनों के बाद अपने पूर्व पति से फिर से बातचीत करना शुरू कर दी थी, और यही से शुरू हुई थी विवाद जिसके बाद अंजू ने अपने पति की ही हत्या की साजिश रच उसी के सबसे करीबी दोस्तों से करवा दिया कत्ल।कोरबा पुलिस प्रशासन इस गुत्थी को सुलझाने के बाद ये संदेश देती है कि अपराध कैसा भी हो अपराधी कानून से नहीं बच सकता
