रायपुर,एजेंसी। सरगुजा के मैनी नदी में अचानक आई बाढ़ में मां-बेटे समेत चार लोग बह गए। गुरुवार शाम 5:30 से 06:00 के बीच की इस घटना के बाद से अब तक चारों का पता नहीं चल पाया है। सभी ढोड़ागांव के रहने वाले हैं। सभी पुटू (मशरूम) बीनने गए थे, तभी लौटते वक्त बाढ़ की चपेट में आ गए। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम चारों की तलाश में जुटी है।
बता दें कि पूरे छत्तीसगढ़ को मानसून ने कवर कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से सरगुजा संभाग में लगातार बारिश के बाद से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
बाढ़ में बहने वालों के नाम
- सोमारी (45 साल)
- अंकिता (8 साल)
- बिनावती (30 साल)
- आरयस (3 साल)
मैनी नदी में आई बाढ़ में बहने के बाद गांव के लोग सड़क किनारे बैठे हुए।
इससे पहले मौसम विभाग ने तीन जिलों सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही, कोरिया, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज में बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं रायपुर-दुर्ग समेत अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पूरे छत्तीसगढ़ को मानसून ने कवर कर लिया है। गुरुवार को 14 जिलों के 56 से अधिक जगहों पर न्यूनतम 10MM बारिश रिकॉर्ड की गई। पूरे प्रदेश में औसतन 28 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं कुसमी में सबसे ज्यादा 200 मिमी पानी बरसा है। इस साल के लिहाज से मानसून के प्रदेश में आने के बाद एक दिन में ये सबसे ज्यादा बारिश है। बारिश की वजह से दिन के तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आई है।
पिछले छह दिनों 22.69 मिमी औसत बारिश
राज्य में पिछले छह दिनों में 22.69 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को 25 दिनों से बस्तर में अटका मानसून रायपुर से होते हुए सरगुजा पहुंचा था। इसके बाद से ही प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में बारिश का दौर जारी है।
बारिश की तस्वीरें देखिए
कोरबा में दोपहर के बाद घंटे भर बारिश हुई।
सरगुजा संभाग में मानसून दस्तक दे चुका है। दोपहर को जमकर बादल बरसे।
रायगढ़ में दोपहर के बाद मौसम बदला और तेज बारिश हुई।
16 दिन पहले आ गया था मानसून
इससे पहले छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच मानसून की एंट्री हो गई थी। प्रदेश में मानसून के पहुंचने की नॉर्मल डेट 13 जून है। लेकिन इस बार 16 दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी थी।
वहीं 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई माह में छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इससे पहले साल 1971 में 1 जून को मानसून पहुंचा था।
