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एक साथ 4 टीके लगे, नवजात की मौत:दर्द से रात-भर तड़पती रही,दूसरे दिन गई जान,बिलासपुर में परिजनों ने कलेक्ट्रेट घेरा,शव रखकर हंगामा किया

बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 2 महीने की नवजात की टीका लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि, बच्ची को एक साथ चार टीका लगाया गया। गुस्साए परिजन शव लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे और जमकर हंगामा किया।

इसके बावजूद स्वास्थ विभाग के अफसर नहीं पहुंचे, तो सभी लोग आंगनबाड़ी केंद्र से ट्रैक्टर से बच्ची का शव लेकर आए और कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। इस दौरान उन्होंने 6 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। घटना मंगला के धुरीपारा की है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की उदासीनता से भड़का आक्रोश।

2 महीने की नवजात बच्ची की टीकाकरण के बाद मौत।

2 महीने की नवजात बच्ची की टीकाकरण के बाद मौत।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, धुरीपारा निवासी रामेश्वर मरावी की पत्नी ईश्वरी मरावी मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी 2 महीने की नवजात बच्ची को टीकाकरण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र ले गई थी। ईश्वरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एएनएम विभा बंजारे ने बच्ची को लगातार चार टीके लगा दिए।

जिसके बाद वो अपनी बच्ची को लेकर घर चली गई। लेकिन, घर पहुंचने के बाद बच्ची दर्द से परेशान होकर रोती रही। रात में भी बच्ची तड़पती रही और लगातार रो रही थी। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर में उसकी मौत हो गई।

नाराज परिजन के साथ लोगों की भीड़ बच्ची के शव को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गई।

गुस्साए परिजनों ने शव लेकर आंगनबाड़ी में किया प्रदर्शन

नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजन समेत बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग घर के पास जुटने लगे। नाराज परिजन के साथ लोगों की भीड़ बच्ची के शव को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।

वहीं, एएनएम को फोन भी किया गया। लेकिन, उन्होंने किसी का कॉल रिसीव नहीं किया। जिससे नाराजगी और बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

नवजात बच्ची को एक साथ लगाए चार टीके।

शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन-मोहल्लेवाली

जिसके बाद नाराज परिजनों का गुस्सा भड़क गया। सभी लोग आंगनबाड़ी केंद्र से ट्रैक्टर में बैठकर बच्ची के शव लेकर कलेक्टोरेट पहुंच गए। यहां भी उन्होंने जमकर नारेबाजी की। पूर्व पार्षद श्याम पटेल और बबली खान ने परिजन को 6 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।

जानकारी मिलने पर तहसीलदार गरिमा सिंह मौके पर पहुंचीं और समझाइश दी, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

ट्रैक्टर से कलेक्ट्रेट जा रही थीं महिलाएं, पुलिस ने रोका

लोगों का आरोप है कि, नवजात की मौत की सूचना देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके चलते दर्जनों महिलाएं ट्रैक्टर भरकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। ट्रैक्टर को कलेक्टर कार्यालय परिसर में घुसाने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने रोका और चालक को जमकर फटकार लगाई।

बच्ची की मौत के बाद शव लेकर आंगनबाड़ी पहुंचे परिजन और लोग।

32 लोगों का हुआ था टीकाकरण

आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता कन्या पटेल ने बताया कि, मंगलवार को 32 बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया था। एएनएम विभा खरे ने टीकाकरण किया था, जिनमें नवजात को चार टीके एक साथ दिए गए थे।

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