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मक्का से मदीना जा रहे 45 भारतीयों की मौत:उमरा के लिए जा रही बस डीजल टैंकर से टकराकर जली, सिर्फ 1 शख्स जिंदा बचा

रियाद,एजेंसी। सऊदी अरब में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में 45 भारतीयों की मौत हो गई। मक्का से मदीना जाते समय इनकी बस डीजल टैंकर से टकरा गई और उसमें आग लग गई। मृतकों में 18 महिलाएं, 17 पुरुष और 10 बच्चे शामिल हैं।

हादसे में सिर्फ 1 शख्स जिंदा बचा है। उसकी पहचान मोहम्मद अब्दुल शोएब (24 साल) के रूप में हुई है। शोएब ड्राइवर के पास बैठा था। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। एक सरकारी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

हैदराबाद पुलिस के मुताबिक 9 नवंबर को 54 लोग हैदराबाद से सऊदी गए थे। वे 23 नवंबर को वापस आने वाले थे। इनमें से 4 लोग रविवार को कार से अलग से मदीना गए थे। वहीं 4 लोग मक्का में रुक गए थे। दुर्घटना वाली बस में 46 लोग सवार थे।

मृतकों में ज्यादातर हैदराबाद के बताए जा रहे हैं। हादसा मदीना से लगभग 25 किलोमीटर दूर मुहरास के पास भारतीय समयानुसार रात लगभग 1:30 बजे हुआ। उस समय कई यात्री सो रहे थे। उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला।

तेलंगाना सरकार ने कहा है कि वह रियाद में भारतीय दूतावास के संपर्क में है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास से नजदीकी तालमेल बनाकर पीड़ितों की पहचान और अन्य औपचारिकताओं में मदद करें।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें…

सऊदी अरब में सोमवार को डीजल टैंकर से टकराने के बाद बस में आग लग गई।

हादसे के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

हादसे के बाद बस पूरी तरह से जल गई। (यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है।)

हादसे के बाद बस पूरी तरह से जल गई। (यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है।)

हादसे में मारे गए 7 मृतकों की तस्वीर सामने आई है।

12 मृतकों के नाम सामने आए

हादसे में मारे गए लोगों में से 12 भारतीय पीड़ितों की पहचान हो पाई है, उनमें अब्दुल मोहम्मद, मोहम्मद मौलाना, सोहेल मोहम्मद, मस्तान मोहम्मद, परवीन बेगम, जकिया बेगम, शौकत बेगम, फरहीन बेगम, जहीन बेगम, मोहम्मद मंजूर, मोहम्मद अली, गौसिया बेगम शामिल हैं।

भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

जेद्दा में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन जारी किया है। दूतावास ने कहा , “सऊदी अरब के मदीना के निकट भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों के साथ हुई दुखद बस दुर्घटना को देखते हुए जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया, हेल्पलाइन का संपर्क विवरण 8002440003 है।”

घटना के बाद तेलंगाना सरकार ने सचिवालय में कंट्रोल रूम बनाया है, ताकि परिजन अपने परिजनों के बारे में जानकारी ले सकें। परिवारजन इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: 79979-59754 और 99129-19545।

ओवैसी ने शवों को भारत लाने की अपील की

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सऊदी अरब में भारतीय उमरा यात्रियों की बस दुर्घटना पर दुख जताया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से फोन पर बातचीत में ओवैसी ने बताया कि उन्होंने हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क किया है और यात्रियों की जानकारी रियाद स्थित भारतीय दूतावास के साथ साझा की है।

उन्होंने रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) अबू मैथन जॉर्ज से भी बात की। जॉर्ज ने उन्हें बताया कि स्थानीय अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही अपडेट दिया जाएगा। ओवैसी ने कहा-

मैं केंद्र सरकार से, खासकर विदेश मंत्री जयशंकर से अपील करता हूं कि शवों को जल्द ले जल्द ​​​​​​भारत लाया जाए और घायलों को जरूरी चिकित्सा मुहैया कराई जाए।

PM मोदी बोले- पीड़ितों को हरसंभव मदद दे रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सऊदी बस दुर्घटना पर दुख जताया। एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि रियाद में वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने X पर कहा, ‘मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हमारे अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।’

विदेश मंत्री बोले- दुर्घटना से गहरा सदमा पहुंचा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब में हुए हादसे पर दुख जताया। जयशंकर ने कहा- ‘मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। रियाद स्थित हमारा दूतावास दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहा है।’

हैदराबाद के एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत

हैदराबाद निवासी मोहम्मद तहसीन ने ANI को बताया कि उनके परिवार के 7 लोगों की सऊदी बस हादसे में मौत हो गई है। तहसीन ने केंद्र सरकार से शवों को भारत लाने का अनुरोध किया है।

उमरा के बारे में जानिए…

उमरा को साल के किसी भी दिन किया जा सकता है और इसके लिए कोई खास तारीख नहीं होती। उमरा फर्ज नहीं है, बल्कि मक्का-मदीना की तीर्थयात्रा का एक छोटा रूप है, जिसे कोई भी मुसलमान कभी भी, जितनी बार चाहे कर सकता है।

हज करने के लिए खास इस्लामी तारीखें होती हैं (इस्लामी कैलेंडर के जिलहिज्जा महीने की 8 से 12 तारीख के बीच)। उमरा कभी भी किया जा सकता है।

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