रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने कई जगह भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। झारखंड और उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन अभी सक्रिय है। इसके असर से अगले दो दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

कोरबा में लगातार बारिश के बीच मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर 92.48% पहुंच गया है। एहतियातन 5 गेट खोलकर 3005 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा गया। इसके बाद प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे बसे 35 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है।
पिछले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हुई। कुसमी में सबसे ज्यादा 180 मिमी (7.1 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। दौरा कोचली, बिहारपुर और प्रतापपुर में 130-130 मिमी (5.1-5.1 इंच) बारिश हुई।
3005 क्यूसेक पानी यानि करीब 85 हजार लीटर पानी छोड़ा गया है।
मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर 92.48% पहुंच गया है।
कोरबा के इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट
मिनीमाता बांगो डैम के 5 गेट खोले जाने के बाद प्रशासन ने जिले के 35 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। इनमें बांगो, चर्रा, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला शामिल हैं।
अगले 2 दिन इन इलाकों में ज्यादा असर
मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
ओवरऑल छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य बारिश
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 13 अगस्त तक कुल 668.8 मिमी (26.3 इंच) बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 734.4 मिमी (28.9 इंच) होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 65.6 मिमी (2.6 इंच) कम बारिश हुई है।
बारिश में कमी का स्तर -9 प्रतिशत है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य श्रेणी में है।
शियर जोन का मतलब जानिए
शियर जोन वायुमंडल में वह इलाका होता है जहां अलग-अलग ऊंचाई पर चलने वाली हवाओं की दिशा या रफ्तार में फर्क होता है। यानी नीचे की हवा जिस दिशा में चल रही है, उससे ऊपर की हवा की दिशा या स्पीड अलग हो सकती है इससे वातावरण में हवा का सिस्टम अस्थिर होता है और बादल बनने तथा बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है।
नारायणपुर में सबसे ज्यादा बारिश
जिलेवार देखें तो नारायणपुर में सबसे ज्यादा 1043.9 मिमी (41.1 इंच) बारिश दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 780.7 मिमी (30.7 इंच) है, यानी सामान्य से 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 948.2 मिमी (37.3 इंच), बीजापुर में 870.6 मिमी (34.3 इंच), जांजगीर में 857.3 मिमी (33.8 इंच) और महासमुंद में 835.6 मिमी (32.9 इंच) बारिश हुई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां सामान्य बारिश 598.2 मिमी (23.6 इंच) के मुकाबले 948.2 मिमी (37.3 इंच) बारिश दर्ज हुई। यानी बारिश 59 प्रतिशत ज्यादा रही। इसके बाद नारायणपुर में 34 प्रतिशत, मुंगेली में 32 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 28 प्रतिशत, महासमुंद में 26 प्रतिशत और जांजगीर में 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
सरगुजा में सबसे ज्यादा कमी
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश की कमी सरगुजा में 51 प्रतिशत है। यहां सामान्य 773.2 मिमी (30.4 इंच) के मुकाबले सिर्फ 379.6 मिमी (14.9 इंच) बारिश हुई है। इसके बाद जशपुर में 45 प्रतिशत, बेमेतरा में 40 प्रतिशत, कांकेर में 35 प्रतिशत, सूरजपुर में 22 प्रतिशत और बस्तर तथा कबीरधाम में 21-21 प्रतिशत कमी है।
रायपुर में सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा बारिश
राजधानी रायपुर में 13 अगस्त तक 727.8 मिमी (28.7 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 641.9 मिमी (25.3 इंच) है। यानी 85.9 मिमी (3.4 इंच) ज्यादा बारिश हुई है और बारिश सामान्य से 13% अधिक है। प्रदेश के 33 जिलों में 20 जिले सामान्य बारिश की स्थिति में हैं, 6 जिलों में सामान्य से ज्यादा और 7 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
