कोरबा/रायपुर। कोरबा में लगातार बारिश से निचले इलाके में जलभराव हो गया है। मानिकपुर, रविशंकर नगर, सीतामढ़ी और खरमोर इलाके के घरों में पानी घुस गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। रविशंकर नगर में जलभराव के कारण सुबह बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर फंसी रही।
सड़कों पर नाली का गंदा पानी आ गया। दादर नाला भी उफान पर है। जिससे कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है। जिला मेडिकल कॉलेज के सामने भी जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जल भराव हो गया।
इस बीच मौसम विभाग ने सूरजपुर, बलरामपुर जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़ समेत 10 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है, आंधी चल सकती है। रायपुर सहित कई इलाकों में देर रात से बूंदाबांदी जारी है।
बंगाल में बने लो प्रेशर एरिया के कारण पिछले 24 घंटों में बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभागों के अधिकांश इलाकों में पानी बरसा। वहीं तापमान की बात करें तो सबसे अधिक तापमान 31.6°C दुर्ग और सबसे कम तापमान राजनांदगांव में 20.5°C दर्ज किया गया।
इससे पहले बलरामपुर में लगातार बारिश से लुत्ती में पुराना बांध बह गया। बांध के बहने से निचले इलाके के चार घर के 7 लोग बह गए। इनमें 5 लोगों के शव बरामद हो गए हैं। 6 साल के कार्तिक सिंह की लाश आज मिली है। इससे पहले 4 की डेडबॉडी मिल गई थी। बाढ़ में बहे 2 अन्य लोगों का पता नहीं चल सका है। तलाश जारी है।
कोरबा में लगातार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर है।
कोरबा के रविशंकर नगर इलाके में जलभराव हो गया है।
कई इलाकों में जलभराव होने से सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है।
6 साल के बच्चे कार्तिक सिंह की लाश बुधवार सुबह बरामद की गई है।
बलरामपुर में पुराना बांध टूटने से 4 गांव बह गए, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई।
बांध का पानी निचले इलाकों में जमा हो गया।
बलरामपुर में बांध बहने के बाद लापता लोगों की तलाश करती रही एसडीआरएफ की टीम।

बांध बहने से पानी के साथ बहे बुजुर्ग महिला का शव झाड़ियों में फंसा मिला।
क्या है मानसून द्रोणिका
मानसून द्रोणिका लो प्रेशर लाइन होती है, जो भारत के उत्तर-पश्चिम से लेकर उत्तर-पूर्वी भाग तक फैली रहती है। यह आमतौर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जाती है। कई बार इसका विस्तार पाकिस्तान और म्यांमार तक भी हो जाता है।
जब दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होता है तो उत्तर भारत के मैदानी भागों में यह द्रोणिका विकसित होती है। इसकी स्थिति कभी उत्तर की ओर (हिमालय के पास) और कभी दक्षिण की ओर (मध्य भारत तक) खिसकती रहती है। जब मानसून द्रोणिका उत्तर की ओर रहती है तो हिमालय और उसके तराई वाले क्षेत्र (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तर बंगाल, असम) में ज्यादा बारिश होती है।
क्या है लो प्रेशर एरिया
जहां हवा का दबाव आसपास की जगहों से कम होता है, उसे लो प्रेशर एरिया कहते हैं। जब किसी इलाके में तापमान ज्यादा होता है (जैसे समुद्र की सतह या जमीन बहुत गर्म हो जाए)।
गर्मी से हवा हल्की और ऊपर उठने लगती है। ऊपर हवा चली जाने से नीचे की सतह पर दबाव घट जाता है, और वह जगह लो प्रेशर एरिया बन जाती है।
यहां पर आसपास से हवा अंदर की ओर खिंचती है। हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है और बादल और बारिश का कारण बनती है। समुद्र पर बनने वाले लो प्रेशर एरिया कई बार बड़े तूफान (Cyclone) में बदल जाते हैं।
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले लो प्रेशर एरिया ही देशभर में भारी बारिश करवाते हैं।
उदाहरण के तौर पर समझिए बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना तो वह मानसून द्रोणिका के साथ जुड़कर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, यूपी तक बारिश करा देगा। अगर यह और ताकतवर हो जाए तो डीप डिप्रेशन और फिर साइक्लोन में बदल सकता है।
इन शॉर्ट लो प्रेशर एरिया = गर्म हवा ऊपर उठी → नीचे दबाव कम हुआ → हवा अंदर की ओर खिंची → बादल + बारिश। भारत की मानसूनी बारिश और चक्रवात का मुख्य कारण यही लो प्रेशर एरिया होते हैं।
बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे
बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए।
इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया है, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं।
पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।
जगदलपुर में बारिश के बाद चित्रकोट वाटरफॉल अपने शबाब पर है।
प्लेन से चित्रकोट वाटरफॉल की तस्वीर कैद की गई।
बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा
प्रदेश में अब तक 919.1 बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 429.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से -51% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, बेमेतरा, जगदलपुर में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है।
वहीं, बलरामपुर जिले में 1278.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 59% अधिक है। आंकड़े 1 जून से 2 सितंबर 2025 तक के हैं।
