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नेपाल से 55km दूर तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप:एक हफ्ते पहले बाढ़-भूस्खलन से तबाही मची थी, अब तक 1273 लोगों की मौत

काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर दूर तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी।

भूकंप जमीन की सतह से काफी कम गहराई पर आया। ऐसे भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं, क्योंकि इनकी भूकंपीय ऊर्जा सतह तक जल्दी पहुंचती है और रास्ते में कम कमजोर होती है। हालांकि, फिलहाल भूकंप से किसी तरह के नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है।

यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब 26 अगस्त को तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक कुल 1273 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1252 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है।

नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…

काठमांडू में हॉस्पिटल के बाहर एक महिला लापता रिश्तेदार की तस्वीरें लेकर उनकी तलाश करती नजर आई।

काठमांडू में हॉस्पिटल के बाहर एक महिला लापता रिश्तेदार की तस्वीरें लेकर उनकी तलाश करती नजर आई।

काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 21 वर्षीय सबिन तिमल्सिना के परिजनों ने पुतले के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।

तिब्बत में 100 नेपाली लापता, केरुंग में 1,500 लोग फंसे

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तिब्बत के केरुंग इलाके में करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।

छेत्री ने यह भी बताया कि भारत में मिले कम से कम 19 शव नेपाल की भोटेकोशी नदी की बाढ़ में बहकर वहां पहुंचे थे। ये शव भोटेकोशी से त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत पहुंचे।

नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने सिर्फ वहां की सड़कें, बस्तियां और टूरिस्ट प्लेस को ही नहीं, बल्कि बिहार से जुड़े कारोबार और टूरिज्म की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।

भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही से लेकर सीमावर्ती बाजारों, टूरिस्ट गाड़ियों और सामान से भरे ट्रकों तक पर इसका असर दिखाई दे रहा है।

तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप

तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। यह जमीन से 10 किमी गहराई में था।

फिलहाल भूकंप से किसी नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है। यह भूकंप 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास आई बाढ़ के करीब एक हफ्ते बाद आया है।

जिपलाइन के सहारे नदी पार कर रहे लोग

नेपाल में बाढ़ के बाद सड़कें और पुल बह जाने से लोगों को नदी पार करने में मुश्किल हो रही है।

बिदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर लंबी अस्थायी केबल क्रॉसिंग जिपलाइन लगाई है, जिसके सहारे बाढ़ प्रभावित लोग तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं।

ट्रम्प ने नेपाल में लैंडस्लाइड ट्रैक करने वाला प्रोजेक्ट बंद किया था

नेपाल में भीषण बाढ़ आने से एक साल पहले ट्रम्प प्रशासन ने हिमालय में लैंडस्लाइड के खतरे पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी प्रोजेक्ट की फंडिंग बंद कर दी थी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट SERVIR-हिंदु कुश हिमालय पर कई साल से काम चल रहा था।

यह प्रोजेक्ट नेपाल समेत हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में लैंडस्लाइड और दूसरी आपदाओं के खतरे वाले इलाकों की पहचान कर रहा था।

इसके तहत ऐसे टूल भी तैयार किए जा रहे थे, जिनसे यह समझने में मदद मिलती कि तेज बारिश का अस्थिर पहाड़ों पर कितना असर पड़ रहा है और किन इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ रहा है।

प्रोजेक्ट की वेबसाइट के मुताबिक, हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में इसका काम जनवरी 2025 में “कन्क्लूड” हो गया था। हालांकि, HT इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता

नेपाल-तिब्बत सीमा से आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने यह जानकारी दी है।

धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित

नेपाल के धादिंग जिले में कृष्णभीर के पास भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। भोटेकोशी में बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी का बहाव बढ़ा, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया। पृथ्वी हाईवे काठमांडू को पोखरा समेत पश्चिमी नेपाल से जोड़ता है।

धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित

भारत ने भेजी 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं

भारत ने बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लिए जरूरी दवाओं की पांचवीं खेप भेजी है। इसमें 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं शामिल हैं।

भारत ने इसके साथ 11 सदस्यीय स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू टीम भी भेजी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, टीम के साथ 6 टन से ज्यादा रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए हैं।

PM शाह बोले- क्लाइमेट चेंज का मुद्दा उठाना जरूरी

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि इस आपदा का क्लाइमेट चेंज से संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए।

पिछले हफ्ते आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं। इनके परिवार अब अपने परिजनों के नहीं मिलने की स्थिति में प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

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