नक्सली क्षेत्र से भी बदतर काम हो रहा जिले के वनांचल क्षेत्रों में
पीएमजीएसवाई की सड़कों की नवनीकरण एवं मरम्मत में घालमेल
पाली ब्लाक के रतखंडी से पहाड़ जमड़ी रोड निर्माण की जांच की मांग: कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोरबा/पाली। भारतरत्न स्व.श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने सुदूर वनांचल क्षेत्रों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारंभ की थी, जिससे देश भर की ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ और सुदूर क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण जिला मुख्यालयों से जुड़े और उनका जीवन स्तर सामान्य हुआ, लेकिन कोरबा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सुदूर वनांचल क्षेत्र की सड़कों के निर्माण में ऐसा घालमेल किया जा रहा है, कि नक्सली क्षेत्र के विकास कार्य भी हंसने लगेंगे।
ऐसा ही एक मामला पाली ब्लाक के रतखंडी सड़क का प्रकाश में आया है, जहां 03 किलोमीटर बनाने में 54 लाख फूंक दिए, लेकिन सड़क का कहीं अता-पता नहीं। 10 साल पहले जो सड़क की दुर्दशा थी, वही आज भी है।
लगे साईनबोर्ड के अनुसार
कार्य का नाम – पाली, रतखंडी रोड से पहाड़जमड़ी तक नवीनीकरण कार्य 03 किलोमीटर
स्वीकृत राशि – 54 लाख रूपए
ठेकेदार का नाम – मे. ग्लोबल कंस्ट्रक्शन कोरबा
समुह क्रमांक – सीजी 10 एम 47
कार्य प्रारंभ की तिथि – 10-08-2023
कार्य पूर्णता तिथि – 01-05-2024
मरम्मत एवं रखरखाव अवधि – 05 वर्ष
पूर्व जनपद सदस्य ने ठेकेदार-अधिकारियों की मिलीभगत का लगाया आरोप

जनपद पंचायत पाली के पूर्व सदस्य मिर्जा कयूम बेग ने स्वयं रतखंडी-पहाड़जमड़ी पीएमजीएसवाई रोड का निरीक्षण किया और बताया कि डेढ़ साल में ही रोड की ऐसी दुर्गति संभव नहीं है। कहीं न कहीं ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत है और सड़क की दुर्दशा देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है, या तो सड़क बनी ही नहीं, या फिर गुणवत्ताहीन और डामर की पतली परत लगा दी गई होगी।
कयूम बेग ने बताया कि 30-40 मीटर में ही डामर की पतली परत दिख रही है, बाकी सड़क बनाई ही नहीं गई।
जांच की मांग: कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
पूर्व जनपद सदस्य मिर्जा कयूम बेग ने जनदर्शन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सड़क की दुर्दशा की तस्वीर भी संलग्र की है और कलेक्टर से जांच की मांग की है।
वनांचल क्षेत्र में नक्सली क्षेत्र से भी बदतर हो रहा काम
जिले के घूर वनांचल क्षेत्रों में प्रशासन के न पहुंचने का फायदा अधिकारी और ठेकेदार उठा रहे हैं। रतखंडी -पहाड़जमड़ी रोड की हालत देखने से लगता है कि घूर वनांचल क्षेत्रों में अधिकारी और ठेकेदार जमकर घालमेल कर रहे हैं। आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी उत्थान की ओर अग्रसर हों, लेकिन अधिकारी आदिवासी क्षेत्रों में किस तरह काम कर रहे हैं, यह रतखंडी-पहाड़जमड़ी रोड की हालत देखकर लगाया जा सकता है।
इस रोड में वाहनों की ज्यादा आवाजाही नहीं, फिर भी ऐसी दुर्दशा
रतखंडी-पहाड़जमड़ी रोड में सायकिल, मोटर सायकिल और कभी चार पहिया वाहन ही दौड़ते हैं, फिर भी डेढ़ साल में सड़की की दुर्दशा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है, कि पीएमजीएसवाई के अधिकारी और ठेकेदार किस तरह काम कर रहे हैं। सूक्ष्म जांच होगी तो घालमेल का भंडाफोड़ भी हो सकता है।
निरीक्षण करूंगा-सी बी सिंग, ईई पीएमजीएसवाई
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता सी बी सिंग ने कहा कि निरीक्षण करेंगे और वास्तविकता के बाद आगे की कार्यवाही करेंगे।
