चमोली, एजेंसी। उत्तराखंड के चमोली में शुक्रवार सुबह 7.15 बजे एवलांच हुआ था। जिसमें बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के 57 मजदूर दब गए थे। रेस्क्यू में जुटी सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम ने शाम तक 32 मजदूरों को बाहर निकाला।
3200 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई पर 6 फीट जमी बर्फ के बीच बाकी के 25 मजदूरों की तलाश जारी है। यह घटना बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव में हुई है। हादसे के दौरान सभी मजदूर 8 कंटेनर और एक शेड में मौजूद थे।
रेस्क्यू किए गए सभी मजदूरों को माणा गांव में आईटीबीपी कैंप लाया गया है। यहां उनका इलाज चल रही है। 4 लोगों की हालत गंभीर है। फिलहाल खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। पूरे इलाके में तेज बर्फबारी हो रही है।
हादसे को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने SDRF के अधिकारियों के साथ बैठक की। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को लेकर उत्तराखंड के CM, सेना, ITBP और NDRF के अधिकारियों से बातचीत की। माणा तिब्बत सीमा पर भारत का आखिरी गांव है।

आईबेक्स ब्रिगेड के कर्मियों ने 5 कंटेनरों में से 10 लोगों का रेस्क्यू किया है।
उत्तराखंड में आज रात भारी बारिश का अलर्ट इधर, मौसम विभाग ने 28 फरवरी की देर रात तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान 20 CM तक बारिश हो सकती है। चमोली DM संदीप तिवारी ने बताया कि घटनास्थल पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, इसलिए हम हेलिकॉप्टर नहीं भेज पा रहे हैं।
SDRF की IG रिधिमा अग्रवाल ने BRO कमांडेंट के हवाले से बताया कि घटना बद्रीनाथ धाम के पास की है। SDRF की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है। लामबगड़ में सड़क ब्लॉक है। सेना उसे खोलने में लगी हुई है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। SDRF की ड्रोन टीम भी अलर्ट पर है।
ITBP कमांडेंट पीयूष पुष्कर ने कहा- हमारी 90 जवानों की 23 बटालियन माणा में तैनात हैं। पिछले दो दिनों से इस इलाके में मौसम खराब है। शुक्रवार सुबह से ही इलाके में भारी बर्फबारी हो रही है। इस वजह से माणा में एवलांच हुआ। इसमें बीआरओ कैंप को नुकसान पहुंचा है।
