बलौदाबाजार, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में पिछले 3 महीनों में 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति ने शराब में जहर मिलाकर इन लोगों को पिलाया, जिससे उनकी मौत हुई है।
इसके बाद शनिवार को एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। अब मंगलवार को अन्य 6 शवों को भी जेसीबी मशीन की मदद से कब्र से बाहर निकाला गया। इन शवों का भी पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मामला कसडोल थाना क्षेत्र का है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और ग्रामीणों से पूछताछ कर अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि आरोपी रामसाय जायसवाल जमीन में गड़े कथित खजाने (हंडा) को पाने के लिए लोगों की बलि दे रहा था। हालांकि, इस तरह की बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस टीम की मौजूदगी में कब्र से लाश निकालते लोग।
खरवे गांव में जेसीबी की मदद से कब्र तोड़ी गई।
6 शवों को भी जेसीबी मशीन की मदद से कब्र से बाहर निकाला गया है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, फरवरी से मई 2026 के बीच खरवे गांव में चैतू साहू (55), पूर्व सरपंच छातूराम साहू (58), विनोद साहू (36), बद्री पटेल (58), जगानंद माछी (50), बुटालू साहू, बुधराम जायसवाल और महत्तरू साहू (40) समेत 8 लोगों की मौत हुई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि रामसाय जायसवाल ने उन्हें शराब पिलाई थी। जिसके बाद एक-एक कर उनकी मौत होती गई। ग्रामीणों ने बताया कि एक और व्यक्ति ने भी शराब पी थी, लेकिन उल्टी हो जाने के कारण उसकी जान बच गई। इस घटना से ग्रामीणों को शक हुआ।
ग्रामीणों की शिकायत और आंदोलन के बाद पुलिस, राजस्व विभाग और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की एक संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी मृतकों के शवों का दोबारा परीक्षण कराने का निर्णय लिया।
पुलिस, राजस्व विभाग और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की एक संयुक्त टीम जांच कर रही है।
सैंपल जांच के लिए भेजे गए
इस बीच 13 जून शनिवार को मृतक महत्तरू साहू के दफन शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए रायपुर भेजा गया था। अब मंगलवार को बाकी 6 शवों को भी कब्र से निकाला गया।
एक शव का हुआ दाह संस्कार
वहीं, बुधराम जायसवाल का परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया था। इसलिए उसके शव का दोबारा परीक्षण संभव नहीं हो पाएगा। बाकी 7 मृतकों के शवों का फॉरेंसिक परीक्षण कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उनकी मौत जहरीली शराब से हुई है या इसके पीछे कोई और कारण है।
मौके पर प्रशासनिक अफसर रहे मौजूद
घटना स्थल पर एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक, तहसीलदार विवेक पटेल, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम, पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जेसीबी मशीन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है ग्रामीणों का आरोप?
ग्रामीणों का कहना है कि, रामसाय जायसवाल गांव में किराने की दुकान चलाता है। मरने वाले सभी लोगों से उसका संपर्क था। उसने जानबूझकर शराब में जहर मिलाकर लोगों को पिलाया। वहीं, गांव में खजाना खोजने के लिए मानव बलि दिए जाने की अफवाहें भी फैल रही हैं, लेकिन पुलिस ने इन्हें अफवाह बताते हुए स्पष्ट किया है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
