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अमगांव के भू-विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी पर भाजपा महिला मोर्चा आक्रामक, SECL प्रबंधन को 7 दिनों का अल्टीमेटम

वर्षों से लंबित मुआवजा पुनर्वास और रोजगार के प्रकरणों को लेकर SECL गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को सौंपा गया ज्ञापन

7 दिनों में निराकरण न होने पर उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन की चेतावनी

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण रोजगार CSR और DMF मद से कौशल विकास की प्रमुखता से उठाई गई मांग

कोरबा/गेवरा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिला कोरबा द्वारा ग्राम अमगांव के भू-विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के न्याय लंबित मुआवजा उचित पुनर्वास और स्थायी आजीविका की मांगों को लेकर एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को ज्ञापन सौंपा गया है ।

भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती अनुसुईया राठौर के नेतृत्व में सौंपे गए, इस ज्ञापन में SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के रवैये पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि भूमि एवं परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के बाद भी प्रभावित परिवारों को वर्षों से उनके विधिसम्मत अधिकार नहीं मिले हैं, जिससे वे गंभीर आर्थिक सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर हैं ।

विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु और मांगें

  1. 7 दिवस के भीतर पारदर्शी निराकरण:- ग्राम अमगांव के समस्त लंबित प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर आगामी 7 दिनों के भीतर पारदर्शी एवं विधिसम्मत निराकरण किया जाए ।
  2. कानूनन मुआवजा व पुनर्वास:- भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनस्थापन अधिनियम 2013 (RFCTLARR Act) तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 व 300A के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के समस्त देय लाभ प्रदान किए जाएं ।
  3. स्थायी रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यवस्था:- प्रभावित परिवार के योग्य/कार्यक्षम सदस्य को SECL नियम अनुसार रोजगार दिया जाए रोजगार न मिलने की स्थिति में वित्तीय सहायता कौशल विकास प्रशिक्षण और बैंक ऋण समन्वय के जरिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित की जाए ।
  4. महिला सशक्तिकरण (CSR & DMF):- प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए CSR तथा जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि से विशेष कौशल विकास कार्यक्रम स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का सुदृढ़ीकरण तथा उद्यम स्थापना हेतु सहयोग दिया जाए ।
  5. संयुक्त बैठक एवं समय-सीमा तय हो:- SECL के सक्षम अधिकारियों जिला प्रशासन और विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर कार्ययोजना की समय-सीमा सार्वजनिक की जाए ।

आंदोलन की चेतावनी

भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती अनुसुईया राठौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा (7 दिवस) के भीतर SECL प्रबंधन द्वारा ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है, तो महिला मोर्चा प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विशाल धरना-प्रदर्शन एवं उग्र जन-आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, इसकी समस्त जिम्मेदारी SECL प्रबंधन तथा संबंधित प्रशासन की होगी ।

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