रायपुर, एजेंसी। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन 700 बेड वाले नए अस्पताल भवन का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। 231 करोड़ रुपए की इस परियोजना का टेंडर डेढ़ साल बाद भी फाइनल नहीं हुआ है।
अंबेडकर अस्पताल में पूरे प्रदेश से मरीज इलाज के लिए आते हैं। पिछले कुछ महीनों में एम्स से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां रेफर किए जा रहे हैं। इसके चलते कई वार्डों में बेड कम पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दबाव स्त्री रोग, शिशु रोग और मेडिसिन विभाग पर है।

इसी जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने दो साल पहले मेडिकल कॉलेज परिसर में 700 बेड का नया अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। यह छह मंजिला भवन होगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सीजीएमएससी को दी गई, लेकिन अब तक निर्माण करने वाली एजेंसी तय नहीं हो सकी है।
सीजीएमएससी के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर को लेकर शासन से मार्गदर्शन लिया जा रहा है। तकनीकी कारणों से दो बार टेंडर रद्द करना पड़ा। पिछले टेंडर में चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
नए भवन में क्या होगा?
नए अस्पताल में महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए अलग विभाग बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्किन, ईएनटी और मनोरोग विभाग भी यहां संचालित होंगे। ओपीडी, वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और इलाज की आधुनिक सुविधाएं एक ही भवन में मिलेंगी। योजना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर स्त्री रोग और शिशु रोग की ओपीडी, जबकि पहली मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे।
