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गौरव दिवस पर 7KM की पदयात्रा…जशपुर में बनेगा स्पोर्ट्स स्टेडियम:मांडविया बोले-आदिवासी खिलाड़ी खेलेंगे ओलिंपिक​​​​​; CM ने कहा- 14-15 नवंबर को रायपुर में प्रदर्शनी

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्पोर्ट्स स्टेडियम बनेगा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसकी घोषणा जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में की है। CM साय ने स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाने की मांग की थी। मंत्री मंडाविया ने कहा कि इसी स्टेडियम में आदिवासी खिलाड़ी ओलंपिक खेलेंगे। यही शुभकामनाएं है।

कार्यक्रम के बाद माटी के वीर नाम से 7 किमी की पदयात्रा निकाली गई है। जशपुर के बालाछापर से शुरू हुई लगभग सात किलोमीटर लंबी पदयात्रा कई चौक-चौराहों एसे होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंची। पदयात्रा के दौरान गम्हरिया चौक पर जनजातीय समुदायों के प्राचीन अस्त्र-शस्त्र और वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर कार्यक्रम में पहुंचे लोग।

जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर कार्यक्रम में पहुंचे लोग।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने क्या कहा

समापन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ मनसुख मंडावीया ने कहा कि, यात्रा में शामिल होकर यहां की आदिवासी संस्कृति, विरासत को देखने और जानने का अवसर मिला। यात्रा से युवाओं को एकजुट होने और समाज को देश के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के विकास के लिए जो योजनाएं बनाई है, उसमें आप सभी को जुड़ना है और माई भारत एप्लिकेशन में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन भी कराएं। इस दौरान एक युवा ने पुलिस में भर्ती होकर समाज और देश सेवा की बात कही तो कबड्डी और खो-खो खेलने वाले में से कुछ युवाओं ने मेहनत कर देश के लिए ओलिंपिक मेडल लाने की बात कही।

इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दिखाया जाएगा।

14-15 नवंबर को रायपुर में होगा आयोजन

सीएम ने कहा कि, सर्वोच्च पद पर आज आदिवासी समाज की महिला द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति का पद संभाल रही हैं। साथ ही केंद्र सरकार ने धरती आबा आदिवासी ग्राम उत्कर्ष योजना लॉन्च कर 80 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर में 14 और 15 नवंबर को देश भर के आदिवासियों की संस्कृतियों का प्रदर्शन होगा। 20 से ज्यादा टीमें पहुंच चुकी हैं।

प्रदर्शनी भी लगाई गई

पदयात्रा के दौरान ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलन, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि, भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल की प्रदर्शनी लगाई गई। इस पदयात्रा के बीच-बीच में आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला को दिखाया गया।

जनजातीय गौरव दिवस के बारे में जानिए

जनजातीय गौरव दिवस की घोषणा साल 2021 में केंद्र सरकार ने की थी। यह दिन स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर, 1875 को हुआ था। वे मुंडा जनजाति से थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था।

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