नई दिल्ली, एजेंसी।आज करवा चौथ है। शादीशुदा महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा है। शाम को चौथ माता की पूजा और कथा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर महिलाएं व्रत पूरा करेंगी।
देशभर में करवा चौथ पर शाम 7 बजे से रात 9 बजे के बीच चांद निकलने का अनुमान है। सबसे पहले असम में और सबसे आखिर में केरलम में चांद दिख सकता है। चांद न दिखने पर व्रत खोलने के उपाय आगे बताएंगे।
चांद न दिखे तो कैसे खोलें व्रत?
- पंडितों का कहना है कि मौसम की गड़बड़ी के चलते अगर चंद्रमा न दिखे तो चंद्र उदय के समय पर पूर्व-उत्तर दिशा में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा कर सकते हैं।
- महादेव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। उनकी तस्वीर या मूर्ति के सामने पूजा कर सकती हैं।
- चावल से चंद्रमा की आकृति बनाकर उसका ध्यान करें, पूजा करें और मंत्र जाप के बाद व्रत खोलें।
- अपने शहर के चंद्रोदय समय तक इंतजार करें। चांद न दिखने पर स्थानीय परंपरा के अनुसार चंद्रदेव का स्मरण कर अर्घ्य दें।
- परिवार के किसी सदस्य के यहां चांद निकला हो तो वीडियो कॉल के जरिए देख सकती हैं। हालांकि, यह पारंपरिक विधि का सर्वमान्य विकल्प नहीं है।
अनोखा करवाचौथ- पंजाब में लस्सी से अर्घ्य, राजस्थान में चौथ माता का मंदिर
1. पंजाब: पानी की जगह लस्सी से चांद को अर्घ्य
पंजाब के कुछ परिवारों में महिलाएं करवाचौथ पर चांद को पानी की जगह कच्ची लस्सी से अर्घ्य देती हैं। इसके बाद पति पत्नी को लस्सी और मिठाई खिलाकर व्रत खुलवाता है। हालांकि, यह रस्म हर जगह नहीं निभाई जाती।
2. राजस्थान: चौथ माता के दर्शन के लिए पहुंचती हैं महिलाएं
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में चौथ माता का प्रसिद्ध मंदिर है। करवाचौथ पर यहां महिलाएं और दूसरे श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा करने पहुंचते हैं।

