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88% निर्माता परिचालन विस्तार की योजना में जुटे, बुनियादी ढांचे के विकास से बढ़ा भरोसा: रिपोर्ट

नई दिल्ली, एजेंसी सरकार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों ने देश के 88% विनिर्माताओं के पूंजी निवेश फैसलों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत में विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र नीतिगत समर्थन और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के चलते तेजी से रूपांतरित हो रहा है।

यह जानकारी कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट “भारत के विनिर्माण लचीलेपन को बढ़ाना: आत्मनिर्भरता की राह तैयार करना” में सामने आई है। रिपोर्ट में भारतमाला, सागरमाला, समर्पित माल ढुलाई गलियारे और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास जैसी योजनाओं के प्रभाव को लेकर उच्च स्तर का भरोसा जताया गया है।

मुख्य निष्कर्ष:

  • 86% कंपनियों ने कहा कि इन सरकारी पहलों से उनके व्यापार संचालन में सुधार हुआ।
  • 95% ने माना कि इससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बेहतर हुई।
  • 94% बड़े उद्यमों ने माना कि ये सुधार उनकी विस्तार योजनाओं के लिए निर्णायक साबित हुए हैं।

नीतियों का असर और MSMEs की भूमिका

सरकारी ‘मेक इन इंडिया’ और PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) जैसी योजनाएं कंपनियों की रणनीतिक प्राथमिकताओं को दिशा दे रही हैं।

  • 40% से अधिक उत्तरदाताओं ने इन योजनाओं को अपने व्यवसाय पर सबसे प्रभावशाली बताया।
  • 54% MSMEs ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) और NICD को विशेष रूप से लाभकारी माना, जिससे औद्योगिक पार्कों से बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स पहुंच मिली।

बढ़ा व्यापारिक भरोसा

  • 77% उत्तरदाताओं को व्यापार करना अब आसान लग रहा है।
  • बड़ी कंपनियों में यह आंकड़ा 86% तक पहुंच गया है।

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