संवाददाता साबीर अंसारी
बांकीमोंगरा :– पुराने थाना परिसर के पीछे स्थित रहवासी क्षेत्र में एक बंद पड़े SECL के मकान में शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, मकान से उठते धुएं को सबसे पहले वहां खेल रहे बच्चों ने देखा और इसकी सूचना अपने परिजनों को दी। देखते ही देखते धुआं आग की भयावह लपटों में बदल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने डायल 112 को फोन किया, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहीं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के कर्मचारी विद्यासागर पानी का टैंकर लेकर घटनास्थल पहुंचे।

स्थानीय रहवासियों, पुलिस एवं नगर पालिका के सहयोग से बाल्टियों और टैंकर के पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। लोगों की तत्परता से आग को आसपास के मकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
बताया जा रहा है कि उक्त मकान का उपयोग एक लाइट एवं साउंड संचालक द्वारा गोदाम के रूप में किया जा रहा था, जहां डीजे, साउंड सिस्टम, लाइटिंग उपकरण, टेंट एवं अन्य सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आने से लगभग 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य का डीजे, लाइट एवं टेंट का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों द्वारा असामाजिक तत्वों के द्वारा आग लगाए जाने की शंका भी जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली कि हमेशा की तरह अग्निशमन वाहन आग से अधिकांश सामान जलकर खाक हो जाने के बाद मौके पर पहुंचा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फायर ब्रिगेड केंद्र दूर होने के कारण आपात स्थितियों में अक्सर विलंब होता है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है।
खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया था। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आग हादसा थी या इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व का हाथ है।
