नारायणपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 2 दिन पहले हुई मुठभेड़ में 48 लाख रुपए के 6 नक्सली मारे गए हैं। इन सभी के शवों समेत हथियारों जा जखीरा लेकर फोर्स लौट आई है। मारे गए नक्सली में PLGA प्लाटून नंबर 1 का कमांडर राहुल पुनेम समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। सभी पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
मारे गए नक्सली नक्सल संगठन के बड़े लीडरों के लिए सुरक्षा देते थे। उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान सुरक्षित पहुंचाने का काम करते थे। ये नक्सल संगठन में PLGA प्लाटून नंबर के बेस्ट फाइटर्स थे। 18 जुलाई को जवानों ने इनके गढ़ में घुसकर इन्हें घेरकर मारा है। मौके से स्नाइपर, AK-47, इंसास और SLR जैसे राइफल बरामद किया गया है।
शव और हथियार बरामद, देखिए तस्वीरें-
अबूझमाड़ एनकाउंटर में 6 नक्सली मारे गए, सभी पर कुल 48 लाख का इनाम था।
अबूझमाड़ में एनकाउंटर वाली जगह से हथियारों का जखीरा मिला है।
सुरक्षाबलों ने स्नाइपर, AK-47, इंसास और SLR जैसे राइफल बरामद किए हैं।
अबूझमाड़ के परिया-काकुर इलाके में हुई मुठभेड़
बारिश के मौसम में भी माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन मानसून जारी है। पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि अबूझमाड़ के परिया और काकुर इलाके में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। मुखबिर की इसी सूचना के बाद DRG, STF और BSF के जवानों को मौके के लिए निकाला गया था।
18 जुलाई की दोपहर पुलिस का नक्सलियों से सामना हुआ और उधर से फायरिंग शुरू हो गई। जवानों ने जवाबी कार्रवाई में 6 नक्सलियों को ढेर कर दिया। जिसके बाद 19 जुलाई की शाम को मारे गए नक्सलियों के शव समेत भारी संख्या में हथियार और गोला-बारूद बरामद कर फोर्स लौट आई।
19 जुलाई की शाम फोर्स नक्सलियों के शव, हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लौट आई है।
SP बोले- संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया
नारायणपुर SP रॉबिंसन गुरिया ने बताया कि 17 जुलाई को संयुक्त अभियान लॉन्च किया गया था। इसमें नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के DRG, STF और BSF की 129वीं, 133वीं व 135वीं बटालियन शामिल थी। 18 जुलाई 2025 की दोपहर से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
IG ने कहा- 6 महीने में मारे गए 204 नक्सली
बस्तर IG सुंदरराज पी ने कहा कि पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित और अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के खिलाफ एक सशक्त अभियान जारी है। साल 2025 के शुरुआती 6 महीनों में ही 204 नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षाबलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
जवानों ने मौके से बंदूक के साथ-साथ दैनिक उपयोगी सामान भी बरामद किया है।
शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।
वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।
लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे
- इससे पहले 21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवाराजू भी था।
- 21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।
- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर में स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।
