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रविशंकर यूनिवर्सिटी में ACB की रेड..क्लर्क अरेस्ट:30 हजार घूस लेते रंगे हाथों पकड़ाया; मुंगेली में रिश्वत लेते पटवारी भी गिरफ्तार

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी रविशंकर विश्वविद्यालय में ACB की टीम ने छापा मारा है। मंगलवार को टीम यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पहुंची। यहां वित्त विभाग में पदस्थ क्लर्क दीपक शर्मा को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है।

वहीं, मुंगेली जिले में भी ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी को गिरफ्तार किया है। पटवारी को भी ACB ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी उत्तम कुर्रे दाऊपारा जिला मुंगेली का निवासी है।

विस्तार से जानिए दोनों केस-

रायपुर में ACB ने गिरफ्तारी की, इस दौरान मुंह छिपाते दिखा क्लर्क दीपक शर्मा

  • रायपुर- पेंशन निकालने मांगी रिश्वत

मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रकाश ठाकुर लखौली, रायपुर का रहने वाला है। वह यूनिवर्सिटी का ही रिटायर्ड कर्मचारी है। पेंशन/ग्रेच्युटी रुकने से वह रविशंकर यूनिवर्सिटी के वित्त विभाग पहुंचा। वहां दीपक शर्मा (वर्ग-2) से मिला तो दीपक ने 30 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की।

इस पर शिकायतकर्ता प्रकाश ने रायपुर ACB में लिखित शिकायत की। इसके बाद एसीबी ने 10 जून मंगलवार को क्लर्क दीपक शर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

रायपुर के रविशंकर यूनिवर्सिटी कैंपस से क्लर्क को पकड़ा गया।

रायपुर के रविशंकर यूनिवर्सिटी कैंपस से क्लर्क को पकड़ा गया।

  • मुंगेली- दस्तावेज में सुधार के लिए मांगी रिश्वत

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की बिलासपुर इकाई ने मंगलवार को मुंगेली जिले में भी कार्रवाई की। यहां पटवारी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी की पहचान उत्तम कुर्रे के रूप में हुई है, जो दाऊपारा, मुंगेली का निवासी है।

एसीबी के अनुसार, 30 मई को नगर पंचायत बोदरी, बिलासपुर निवासी टोप सिंह अनुरागी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम केसली कला में स्थित उनकी और उनके परिवार की 1.43 एकड़ जमीन के दस्तावेजों में कुछ त्रुटियां थीं। रिकॉर्ड में उनका नाम ‘टोप सिंह’ की जगह ‘तोप सिंह’ दर्ज था और उनकी बहन के नाम के साथ पिता के स्थान पर पति का उल्लेख था।

इन त्रुटियों को सुधारने और जमीन का नक्शा, खसरा, बी-वन प्राप्त करने के लिए जब वह केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे से मिले, तो पटवारी ने इस काम के एवज में 25,000 रुपए की रिश्वत की मांग की।

गिरफ्तारी की कार्रवाई

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। 10 जून को शिकायतकर्ता को रिश्वत राशि के साथ पटवारी के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने मुंगेली सुरी घाट स्थित अपने कार्यालय में रिश्वत राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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