नई दिल्ली,एजेंसी। आम आदमी पार्टी (आप) में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब राघव चड्ढा सहित पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

आखिर राघव चड्ढा ने क्यों छोड़ा आप का साथ?
दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। इस दौरान राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में आप के 10 में से 8 सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं, जो दो-तिहाई संख्या है। राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को “खून-पसीने से सींचा”, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए बनी थी, वही अब समझौतों और निजी स्वार्थों में उलझ गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय से महसूस हो रहा था कि वह “wrong party” में हैं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।
चड्ढा ने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष से वह पार्टी की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे, क्योंकि वह कथित रूप से गलत कामों का समर्थन नहीं कर सकते थे। वहीं, संदीप पाठक ने कहा कि राजनीति में आने के समय उनके कुछ आदर्श और उद्देश्य थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें बड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी की दिशा में बदलाव से वे असहज थे।
