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सोने के बाद अब चांदी पर सख्ती, सरकार ने बदल दिया ये बड़ा नियम, अब आयात के लिए…

मुंबई, एजेंसी। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गिरते रुपये को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सोने पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) बढ़ाने के बाद, अब सरकार ने चांदी के आयात को ‘प्रतिबंधित’ (Restricted) श्रेणी में डाल दिया है। शनिवार को लिए गए इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी कारोबारी सीधे तौर पर विदेशों से चांदी की ईंटें (Silver Bars) नहीं मंगा सकेगा।

लाइसेंस राज की वापसी: तत्काल प्रभाव से लागू हुए नियम
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने चांदी की ईंटों के दो विशिष्ट कोड (71069221 और 71069229) को ‘फ्री कैटेगरी’ से हटाकर ‘वर्जित कैटेगरी’ में डाल दिया है। यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। अब चांदी केवल तीन चुनिंदा रास्तों से ही भारत आ सकेगी:

  • आरबीआई (RBI) द्वारा नामित बैंक।
  • DGFT द्वारा अधिकृत एजेंसियां।
  • IFSCA से मंजूर योग्य जौहरी, जो इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के जरिए व्यापार करेंगे।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
सरकार के इस कदम के पीछे देश का बढ़ता व्यापार घाटा सबसे बड़ी वजह है, जो वर्तमान में 333 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। इस भारी घाटे के कारण भारतीय मुद्रा ‘रुपये’ पर भारी दबाव है। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह से विदेशी मुद्रा के खर्च को कम करना और चांदी के आयात में आ रही भारी उछाल को रोकना है। गौरतलब है कि साल 2025 में भारत ने 9.2 अरब डॉलर की चांदी मंगाई थी, जो पिछले साल के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा है।

आसमान छूती कीमतें और पीएम की अपील
चांदी की कीमतों में आई भीषण तेजी ने भी सरकार को चिंतित कर दिया है। महज एक साल में चांदी के दाम लगभग तीन गुना बढ़कर 2.43 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं। इस संकट को देखते हुए हाल ही में सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से भावुक अपील की है कि विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए वे एक साल तक सोना न खरीदें।

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