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अहमदाबाद प्लेन क्रैश- चेतावनी के बावजूद उड़ा ड्रीमलाइनर:विमान का संतुलन बताने वाला सेंसर फेल होने का अलर्ट था; सरकार बोली- अभी नतीजा न निकालें

नई दिल्ली,एजेंसी। 12 जून 2025 को एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट (बोइंग एआई-171) हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शुक्रवार रात करीब ढाई बजे जारी की गई।

इसमें एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसके केंद्र में है एक चेतावनी ‘STAB POS XDCR’ यानी विमान का संतुलन बताने वाला सेंसर फेल हो सकता है।

यह तकनीकी अलर्ट विमान की पिछली उड़ान (दिल्ली-अहमदाबाद) के ठीक बाद पायलट द्वारा दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद महज एक घंटे में फिर से इस विमान को उड़ान के लिए क्लियर कर दिया गया।

यह बताता है कि विमान का हॉरिजेंटल स्टेबलाइजर (पिच बैलेंस बनाने वाला पिछला पंख) किस स्थिति में है। यदि यह डेटा सही न मिले, तो ऑटोपायलट, पिच कंट्रोल और स्टॉल प्रोटेक्शन जैसी अहम प्रणालियां गलत कमांड देने लगती हैं- विशेषकर टेकऑफ और शुरुआती चढ़ाई जैसे क्रिटिकल चरणों में।

पायलट ने सुबह 11:17 बजे यह अलर्ट दिया ​था और 12:40 बजे विमान को उड़ान की मंजूरी दे दी गई। दोपहर 1:38 बजे यही विमान लंदन के लिए टेकऑफ करता है और महज 30 सेकंड बाद दोनों इंजन बंद हो जाते हैं।

रिपोर्ट को लेकर सरकार ने कहा है कि इस पर स्टडी की जा रही है। अभी कोई निष्कर्ष न निकालें।

टेकऑफ के 3 सेकंड में ही दोनों इंजन के फ्यूल स्विच बंद हुए

अहमदाबाद में क्रैश एअर इंडिया विमान के साथ आखिरी पलों में क्या हुआ था? एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने 15 पेज की शुरुआती रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है।

इसके अनुसार दोनों पायलट अनुभवी और उड़ान के लिए फिट थे। विमान भी फिट था। कुछ समय पहले इंजन बदले थे। हालांकि, उड़ान भरने के 3 सेकंड में ही फ्यूल स्विच बंद हो गए।

रिपोर्ट किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। लेकिन जांच की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो रही है। इंजन फ्यूल कट ऑफ होना असामान्य है। ऐसे में, तकनीकी या मानवीय चूक दोनों पर जांच बढ़ेगी।

क्रिटिकल रिकवरी सिस्टम फेल या देर से एक्टिव होना भी जांच के दायरे में है। आइए विस्तार से जानते हैं रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है…

अहमदाबाद विमान हादसा जांच रिपोर्ट जारी… तकनीकी दिक्कत थी, पर 1 घंटे में ही विमान रिलीज

  • 12 जून को विमान दिल्ली से एआई 423 के रूप में अहमदाबाद पहुंचा। इसने सुबह 11:17 बजे लैंड किया।
  • क्रू ने लॉग में STAB POS XDCR दर्ज किया। समाधान कर 12:10 बजे अगली उड़ान के लिए विमान रिलीज।
  • इसे एआई 171 के रूप में लंदन जाना था। उड़ान दोपहर बाद 1:10 बजे थी। पायलट पर्याप्त विश्राम कर चुके थे।
  • ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में क्रू पूरी तरह फिट मिला। 54,200 किलो ईंधन था। टेकऑफ वजन 2,13,401 किलो था। यह सब सीमाओं के भीतर था।

…आखिरी उड़ान, टेकऑफ तक सब सामान्य ही दिखा

  • एडवांस्ड सरफेस मूवमेंट गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम के अनुसार विमान बे 34 से दोपहर 1:18:38 बजे रवाना हुआ। टैक्सी क्लियरेंस 1:25:15 बजे मिला।
  • दोपहर 1:26:08 बजे विमान ने टैक्सी करना शुरू किया। टैक्सीवे R4 से रनवे 23 पर पहुंचा। विमान ने इसके बाद बैकट्रैक किया और लाइन अप हुआ।
  • टेकऑफ़ की अनुमति 1:37:33 बजे मिली और विमान ने 1:37:37 बजे टेकऑफ रोल शुरू कर किया।
  • ईएएफआर डेटा के अनुसार, विमान ने टेकऑफ निर्णय गति (V1) पार करते हुए 1:38:33 बजे 153 नॉट्स आईएएस (करीब 283 किमी प्रति घंटा)। विमान के एयर/ग्राउंड सेंसर्स 1:38:39 बजे एयर मोड में स्थानांतरित हो गए। यह लिफ्टऑफ की पुष्टि करता है।
  • विमान के टेक ऑफ करने के इस बिंदु तक सब कुछ सही था। कहीं से भी कोई चीज असामान्य दर्ज नहीं की गई थी।
  • सबसे पहले पेड़ों और फिर ऊंची चिमनी से टकराया विमान
  • गिरते वक्त विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स परिसर में कतार में लगे पेड़ों और एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’ की उत्तर-पूर्वी दीवार से​ ​टकराया। पेड़ और बिल्डिंग ‘ए’ की दूरी 293 फीट है। विमान आगे बढ़ता गया और टूटता-बिखरता रहा तथा अन्य ढांचों और पेड़ों से टकराया।
  • वर्टिकल स्टैबलाइजर व रडर
  • विमान में दो एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर यानी ईएएफआर थे। पिछले हिस्से के ईएएफआर से डेटा डाउनलोड नहीं हो पाया। अगले ईएएफआर के डेटा में 49 घंटे की 6 उड़ानों का ब्योरा मिला। दो घंटे के ऑडियो में इस उड़ान से जुड़ा डेटा है। इसमें विस्तार से पता चला कि आखिरी समय में क्या हुआ।
  • दायां मुख्य लैंडिंग गियर
  • टक्कर और आग से विमान पूरी तरह नष्ट हो गया। टक्कर और आग से 5 इमारतों को भीषण नुकसान हुआ। इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर एक्टिव नहीं हुआ। मलबा 4 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला मिला। नीचे चित्र में ए, बी, सी, डी, ई और एफ के तौर पर चिह्नित इमारतों तक मलबा पड़ा मिला।
  • एसोसिएशन ने कहा- पायलट की गलती बताने वाली रिपोर्ट पक्षपाती
  • एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के बिंदु और दिशा पायलट की गलती का संकेत देते हैं। हम इसे खारिज करते हैं। योग्य, अनुभवी कर्मियों को अभी भी जांच दल में शामिल नहीं किया जा रहा है। सवाल यह भी उठता है कि रिपोर्ट बिना किसी हस्ताक्षर मीडिया में लीक कैसे कर दी गई।
  • सरकार ने कहा- ये प्रारंभिक रिपोर्ट, अभी कोई निष्कर्ष न निकाला जाए
  • केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, ये शुरुआती जांच रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट आने तक आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। एएआईबी स्वतंत्र संस्था है और हम उन्हें हरसंभव सहयोग दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अंतिम रिपोर्ट जल्द आएगी, ताकि हम किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंच सकें।
  • अहमदाबाद प्लेन क्रैश, एक्सपर्ट बोले- पायलट ने जानबूझकर हादसा किया
  • एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन मोहन रंगनाथन ने कहा कि रिपोर्ट देखकर लगता है कि हादसा जानबूझकर किया गया था। हालांकि, AAIB के पूर्व चीफ रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा ने कहा- ज्यादातर मामलों में शुरुआती जांच फाइनल रिपोर्ट से अलग होती है।
  • एक्सपर्ट बोले- फ्यूल स्विच को मैनुअली ही चेंज किया जा सकता
    एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन रंगनाथन ने NDTV से बातचीत में कहा कि ड्रीमलाइनर के इंजनों में फ्यूल सप्लाई को मैनुअली ही बंद किया जा सकता है। ईंधन बंद करने का और कोई तरीका नहीं है। यह काम हाथ से करना होगा। यह ऑटोमेटिक या पॉवर कट के कारण नहीं हो सकता।
    फ्यूल स्विच को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इन्हें बदलने के लिए स्लॉट से बाहर निकाला जाता है। यानी गलती या अनजाने में इन्हें बंद नहीं किया जा सकता।
    AAIB के पूर्व डायरेक्टर बोले- शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट में अंतर होता है
    हादसे को लेकर जहां कुछ एक्सपर्ट पायलट की गलती का दावा कर रहे हैं, वहीं AAIB के पूर्व डायरेक्टर रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में विमान दुर्घटना जांच की शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट अलग-अलग होती है।
    NDTV प्रॉफिट से बात करते हुए हांडा ने कहा- अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच AAIB के लिए बहुत मुश्किल होगी, क्योंकि विमान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो गया है और अंतिम रिपोर्ट आने में समय लग सकता है।
    जांच कर रही टीम को दुर्घटना के सटीक कारण या शायद संभावित कारण पर विचार-विमर्श करना होगा। अभी जो रिपोर्ट आई है उसमें सिर्फ 30 सेकेंड में हुई घटनाओं के तथ्य हैं। यह कोई फाइनल रिपोर्ट नहीं है।



    12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है।
    जांच रिपोर्ट पर अन्य एक्सपर्ट ने क्या कहा….
    सिविल एविएशन सुरक्षा परिषद (भारत सरकार) के पूर्व सदस्य सनत कौल ने कहा- एआई-171 की प्रारंभिक रिपोर्ट से साफ है कि टेकऑफ के दौरान अचानक फ्यूल सप्लाई रुक गई। वॉयस रिकॉर्डर बताता है कि न पायलट और न ही को-पायलट ने स्विच बंद किया। ऐसे में स्पष्ट है कि यह फ्यूल कटऑफ विमान की किसी आंतरिक तकनीकी गड़बड़ी से हुआ।
    ऑस्ट्रेलिया के एविएशन कंसल्टेंट नील हैंसफोर्ड ने कहा- मैंने नौ एयरलाइनों का संचालन किया है, कभी नहीं सुना कि टेकऑफ के दौरान पायलट खुद ईंधन सप्लाई बंद करें- वो भी दोनों इंजनों की। इतने अनुभवी पायलट ऐसा नहीं करते। जरूरी है कि जांचकर्ता, पायलटों का निजी या मनोवैज्ञानिक पक्ष भी देखें। यह सिर्फ सिस्टम फेल नहीं हो सकता।
    अमेरिका की एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट मेलिसा चेन ने कहा- ये स्विच ‘गार्डेड’ होते हैं- यानी इन्हें गलती से मूव नहीं किया जा सकता, उन्हें पहले खींचना होता है, फिर मूव। ऐसी डिजाइन एयरबस में भी होती है। अगर कोई पायलट इन्हें मूव करता है, तो वह ‘गलती’ नहीं मानी जा सकती। अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं, जिनकी जांच कराया जाना जरूरी है।
    एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट मार्क डी मार्टिन ने कहा- टेकऑफ के ठीक बाद फ्यूल कटऑफ स्विच खुद बंद होना एक वैश्विक चिंता का विषय है। बोइंग 787 ऑपरेटरों को पूरी प्रणाली की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए। यह एक सामान्य खराबी नहीं है। पायलटों की भूमिका संदिग्ध नहीं लगती। डिजाइन या लॉजिक फेल्योर संभव।
    पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे।
    15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली। इस समय तक रिपोर्ट में Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन को लेकर किसी ऑपरेटर के लिए कोई चेतावनी या कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। साथ ही रिपोर्ट में मौसम, बर्ड-हिट और सबोटाज जैसे किसी भी कारण का जिक्र नहीं है।
  • तकनीकी दिक्कत थी, पर 1 घंटे में ही विमान रिलीज
  • 12 जून को विमान दिल्ली से एआई 423 के रूप में अहमदाबाद पहुंचा। इसने सुबह 11:17 बजे लैंड किया।
  • क्रू ने लॉग में STAB POS XDCR दर्ज किया। समाधान कर 12:10 बजे अगली उड़ान के लिए विमान रिलीज।
  • इसे एआई 171 के रूप में लंदन जाना था। उड़ान दोपहर बाद 1:10 बजे थी। पायलट पर्याप्त विश्राम कर चुके थे।
  • ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में क्रू पूरी तरह फिट मिला। 54,200 किलो ईंधन था। टेकऑफ वजन 2,13,401 किलो था। यह सब सीमाओं के भीतर था।
  • आखिरी उड़ान, टेकऑफ तक सब सामान्य ही दिखा
  • एडवांस्ड सरफेस मूवमेंट गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम के अनुसार विमान बे 34 से दोपहर 1:18:38 बजे रवाना हुआ। टैक्सी क्लियरेंस 1:25:15 बजे मिला।
  • दोपहर 1:26:08 बजे विमान ने टैक्सी करना शुरू किया। टैक्सीवे R4 से रनवे 23 पर पहुंचा। विमान ने इसके बाद बैकट्रैक किया और लाइन अप हुआ।
  • टेकऑफ़ की अनुमति 1:37:33 बजे मिली और विमान ने 1:37:37 बजे टेकऑफ रोल शुरू कर किया।
  • ईएएफआर डेटा के अनुसार, विमान ने टेकऑफ निर्णय गति (V1) पार करते हुए 1:38:33 बजे 153 नॉट्स आईएएस (करीब 283 किमी प्रति घंटा)। विमान के एयर/ग्राउंड सेंसर्स 1:38:39 बजे एयर मोड में स्थानांतरित हो गए। यह लिफ्टऑफ की पुष्टि करता है।
  • विमान के टेक ऑफ करने के इस बिंदु तक सब कुछ सही था। कहीं से भी कोई चीज असामान्य दर्ज नहीं की गई थी।
  • APAI ने कहा- पायलट्स की बातचीत से किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे
    एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (APAI) ने एजेंसी PTI को लेटर लिखा है। इसमें कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट से लग रहा है कि क्रैश में पायलट्स की गलती है। हम इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं। हम निष्पक्ष और सबूत आधारित जांच की मांग करते हैं।
    APAI ने कहा- ​​​​​जांच ​​रिपोर्ट बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के साइन और जानकारी के मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता की कमी है। जांच की विश्वसनीयता पर सवाल है। जनता का विश्वास कम हो रहा है। योग्य, अनुभवी कर्मचारियों विशेषकर लाइन पायलटों को अभी भी जांच टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है।
  • फ्यूल स्विच का काम और तकनीक

    फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं।
    फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं।
    फ्यूल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (‘रन’ पोजिशन) या बंद करना (‘कटऑफ’ पोजिशन) है।
    हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे – एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए।
    रन पोजिशन: जब स्विच ‘रन’ पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है।
    कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को ‘कटऑफ’ पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है।
    फ्यूल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए – पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना, और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए।
    विमान के उड़ते ही रैम एयर टर्बाइन खुली

    AAIB ने CCTV फुटेज में RAT को चालू होने की पुष्टि की है।
    रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजन बंद होते ही रैम एयर टर्बाइन (RAT) खुल गया। यह एक छोटी प्रॉपेलर जैसी डिवाइस होती है। यह हवा की गति से घूमती है और बिजली और हाइड्रॉलिक पावर पैदा करती है। खासतौर पर तब जब विमान की मेन पावर कट हो जाए, या हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल हो जाए। RAT विमान को कम से कम नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम को थोड़ा बहुत चालू रखने में मदद करता है।
    सबसे पहले पेड़ों और फिर ऊंची चिमनी से टकराया विमान गिरते वक्त विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स परिसर में कतार में लगे पेड़ों और एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’ की उत्तर-पूर्वी दीवार से​ ​टकराया। पेड़ और बिल्डिंग ‘ए’ की दूरी 293 फीट है। विमान आगे बढ़ता गया और टूटता-बिखरता रहा तथा अन्य ढांचों और पेड़ों से टकराया।




    लैंडिंग गियर 345 फीट और पंख 670 फीट दूर जा गिरा बाएं मुख्य लैंडिंग गियर और बाएं पंख का बाहरी और मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ से टकराया और 345 फीट दूर गिरा। पंख का मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ की चौथी मंजिल के उत्तरी कोने में फंसा मिला। पंख का अंदरूनी भाग बिल्डिंग ‘ए’ से 670 फीट दूर दक्षिण-पश्चिम में पड़ा मिला था। डेटा के अनुसार, इंजन 1 का फ्यूल कटऑफ स्विच कटऑफ से रन स्थिति में स्थानांतरित हुआ। लगभग 01:38:54 बजे एपीयू इनलेट डोर खुलने लगा। ये एपीयू ऑटो स्टार्ट लॉजिक के अनुरूप था।
    8 डिग्री नोज अप की स्थिति में था विमान




    इमारतों और विमान पर मिले निशान संकेत देते हैं कि टक्कर के समय विमान की स्थिति संभवतः ‘नोज-अप’ यानी लगभग 8 डिग्री ऊपर उठी हुई नाेज की थी। वहीं, पंख क्षैतिज स्थिति में थे।
    लैंडिंग गियर डाउन मिला; थ्रस्ट लीवर जल गया




    लैंडिंग गियर लीवर डाउन मिला। थ्रस्ट लीवर जल गया। ईएएफआर डेटा बताता है कि टक्कर तक थ्रस्ट लीवर आगे यानी टेकऑफ थ्रस्ट की स्थिति में थे। रिवर्सर लीवर मुड़े थे लेकिन ‘स्टोव्ड’ स्थिति में थे।
    फ्लैप का हैंडल टेकऑफ की सेटिंग में ही मिला




    फ्लैप हैंडल असेंबली को आग की वजह से काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था। हालांकि, जांच में हैंडल 5 डिग्री की फ्लैप स्थिति में मजबूती से मिला। यह स्थिति सामान्य टेकऑफ फ्लैप सेटिंग के अनुसार थी। इस स्थिति की ईएएफआर डेटा से पुष्टि हुई थी।
    बोइंग बोला- जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहे बोइंग ने रिपोर्ट आने के बाद अपने बयान में कहा, ‘हमारी संवेदनाएं एअर इंडिया फ्लाइट 171 के यात्रियों, क्रू मेंबर्स और अहमदाबाद में प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं। हम जांच एजेंसियों और अपने कस्टमर के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।’ यह बयान AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद आया है।
    फ्यूल स्विच क्यों है इतना अहम? ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों में रन और कटऑफ नाम के दो पोजिशन होते हैं। अगर विमान हवा में है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो जाती है और बिजली सप्लाई भी रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो सकते हैं।

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