बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में हवाई सुविधाओं की बदहाली और एयरपोर्ट के विकास में देरी के विरोध में हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सोमवार को उल्टा मार्च निकालकर विरोध जताया। राघवेंद्र राव सभा भवन में महाधरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए इस मार्च के जरिए समिति ने सरकार और जिम्मेदार एजेंसियों का एयरपोर्ट की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया।
समिति का कहना है कि सात साल से आंदोलन के बावजूद बिलासपुर को नई उड़ानें मिलने के बजाय पहले से संचालित हवाई सेवाओं में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर में हाईकोर्ट, रेलवे जोन कार्यालय, एनटीपीसी और एसईसीएल जैसे बड़े संस्थान हैं। इसके बावजूद शहर को अपेक्षित हवाई सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। समिति लगातार रनवे विस्तार और बेहतर हवाई सेवाओं की मांग उठा रही है।

पहले 7 दिन उपलब्ध दी हवाई सुविधाएं
समिति के संरक्षक सुदीप श्रीवास्तव ने हवाई सेवाओं में लगातार हो रही कटौती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि, साल 2021 में दिल्ली के लिए सप्ताह के सातों दिन उड़ान उपलब्ध थी, जो अब घटकर चार दिन रह गई है। प्रयागराज की उड़ान भी सप्ताह में चार दिन से घटकर केवल एक दिन संचालित हो रही है।
वहीं, जबलपुर, भोपाल और इंदौर की हवाई सेवाएं बंद हो चुकी हैं। समिति ने इसे बिलासपुर के यात्रियों के साथ अन्याय बताते हुए हवाई सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई।
विधायक बोले- सरकार विकास नहीं करा पा रही तो अडानी को सौंप दे
आंदोलन में शामिल कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने एयरपोर्ट के विकास में देरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले एयरपोर्ट के विकास के लिए 28 करोड़ रुपए दिए गए थे। तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के समय सेना से संबंधित जमीन वापस लेने के लिए 98 करोड़ रुपए दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़ी बाधाएं दूर होने के बाद अब करीब 1.2 किलोमीटर रनवे का विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि एयरपोर्ट को फोर्सी लाइसेंस दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। सात साल से शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा है, लेकिन एयरपोर्ट के विकास में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। यदि सरकार और जनप्रतिनिधि इसका विकास नहीं करा पा रहे हैं, तो एयरपोर्ट अडानी समूह को सौंप देना चाहिए।
भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना
अटल श्रीवास्तव ने राज्य की भाजपा सरकार को रिमोट कंट्रोल की सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि, वह अडानी के प्रभाव में काम कर रही है। उनके इस बयान के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
लगातार उठा रहे मांग, पर मिल रहा सिर्फ आश्वासन
कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि आंदोलन के दौरान एयरपोर्ट के छोटे टर्मिनल भवन, पुराने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर और रनवे विस्तार में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में विकसित करने के वादे पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि बिलासपुर में हवाई सुविधाओं का विस्तार केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं, हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के विस्तार और बेहतर हवाई सेवाओं की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। समिति की मांग है कि रनवे विस्तार और हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
