कोंटा SDOP और TI जख्मी, रायपुर लाया गया; CM बोले- नक्सलियों का अस्तित्व मिटा देंगे
सुकमा,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के IED ब्लास्ट की चपेट में आने से कोंटा डिवीजन के ASP आकाश राव गिरिपुंजे शहीद हो गए हैं। वारदात में कोंटा SDOP भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला घायल हैं, जिन्हें रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहीद आकाश राव गिरिपुंजे का पार्थिव शरीर रायपुर के मेकाहारा लाया गया है। मेकाहारा में पोस्टमॉर्टम के बाद शव को उनके निवास ले जाया जाएगा। एएसपी की शहादत की सूचना मिलने पर उनकी टीम के जवान फूट-फूटकर रोते रहे।
वहीं घायल SDOP और TI को सुकमा में इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए एयर-लिफ्ट कर रायपुर लाया गया है। रायपुर के एक निजी अस्पातल में भर्ती कराया गया है। घायल एसडीओपी और टीआई की हालत खतरे से बाहर हैं।
इसे लेकर CM साय ने कहा कि नक्सलियों को अब भुगतना होगा। उनके खात्मे के दिन नजदीक आ गए हैं। छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया जाएगा। वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अब नक्सलियों से कोई बातचीत नहीं होगी।
जानिए कैसे चपेट में आ गए ASP ?
दरअसल, नक्सलियों ने कल यानी 10 जून को भारत बंद का आह्वान किया था। इससे पहले नक्सलियों ने दहशत फैलाने के लिए खदान में एक JCB में आग लगा दी थी। खबर के बाद एएसपी आकाश राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
इस दौरान वह खदान में जली हुई JCB के पास गए। जैसे ही वह मशीन के पास पहुंचे। नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर दिया, जिसकी चपेट में तीनों पुलिस अधिकारी आ गए। घायल टीआई सोनल ग्वाला बिलासपुर के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी हाउस वाइफ हैं। उनकी 2 जुड़वां बेटी भी हैं।
ASP आकश राव गिरिपुंजे की तस्वीरें देखिए

कोंटा एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे गैलेंट्री अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं।
एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे का परिवार रायपुर में रहता है।
आकाश और उनके परिवार के बारे में जानिए
आकाश राव गिरिपुंजे 42 साल के थे। उनका जन्म रायपुर में 7 फरवरी 1983 को हुआ था। वह रायपुर के रहने वाले थे। 2013 बैच के पुलिस अधिकारी थे। पिता गोविंद राव गिरिपुंजे, माता मंदा गिरिपुंजे, पत्नी स्नेहा गिरिपुंजे, बेटे सिद्धांत गिरिपुंजे और बेटी का नाम पीहू गिरिपुंजे है।
वहीं उनकी तैनाती चंद्रशेखर आजाद पुलिस अकादमी चंदखुरी, रायपुर, कांकेर, राजनांदगांव, मानपुर, मोहला, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद और वर्तमान में सुकमा के कोंटा में रही।
आकाश राव रायपुर, महासमुंद में भी पोस्टेड रहे
शहीद एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर और महासमुंद में भी पोस्टेड रहे। उनका परिवार रायपुर में ही रहता है। उनकी स्कूलिंग भी रायपुर में हुई है। वे पूर्व कांग्रेसी पार्षद के भतीजे हैं। वहीं उनकी शहादत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भास्कर की टीम जब एएसपी आकाश राव के चाचा से बात करने की कोशिश की उनके आंसू छलक आए।
कोंटा SDOP भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला को बेहतर इलाज के लिए रायपुर लाया गया है।
रायपुर में एएसपी आकाश राव के घर अफसर पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े।
एएसपी आकाश राव की शहादत की सूचना मिलने पर परिजन घर पहुंचने लगे हैं।
परिवार-समाज गर्व महसूस करता था- बसंत राव
चाचा बसंत राव गिरिपुंजे से जब हमने बात करने की कोशिश की तो उनके आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि आकाश बचपन से होनहार था। उनके पिता पढ़े लिखे नहीं थे, पीएससी में आकाश के सिलेक्ट होकर डीएसपी बनने से उस पर परिवार, समाज गर्व महसूस करता था।
टीआई सोनल ग्वाला को कोंटा अस्पताल लाया गया।
बम 2 फीट के नीचे, तो डिटेक्ट नहीं हो सकता
इससे पहले हमने खबर की थी कि नक्सलियों ने बम या IED जमीन के दो फीट से ज्यादा गहराई में लगाई हो, तो जवानों के पास ऐसी कोई मशीन नहीं कि उसका पता लगाया जा सके। बीजापुर में हुए नक्सली हमले में भी यही हुआ। इसमें 1 ड्राइवर और 8 जवान शहीद हो गए थे। इसमें आईईडी को करीब पांच फीट नीचे लगाया गया था।
पुलिस अधिकारी के शहीद होने पर राज्यपाल ने जताया शोक
राज्यपाल रमेन डेका ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपुंजे के शहीद हो जाने की घटना पर शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है।
नक्सलियों को परिणाम भुगतना पड़ेगा- सीएम साय
सीएम साय ने एएसपी आकाश राव की शहादत को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने घायल अफसरों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ कहा है कि लगातार ऑपरेशन से नक्सली बौखलाए हुए हैं। इसलिए इस तरह की घटना को अंजाम दे रहे हैं। इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।
नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा
प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस घटना को नक्सलियों का कायराना हरकत करार दिया है। उनके मुताबिक इस घटना से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आएगी। लेकिन कभी किसी सूरत में नक्सलियों से बातचीत की स्थिति बनती है तो ऐसी घटनाओं से वो खत्म हो जाती है।
