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मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की अखिलेश की मांग, अमित शाह के रिएक्शन से गरमाई सियासत

नई दिल्ली,एजेंसी। संसद में आज महिला आरक्षण कानून से जुड़े तीन अहम संशोधन बिल पेश किए गए। इन बिलों को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली और कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध किया। कहा कि यह कदम संविधान से छेड़छाड़ जैसा है। वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयक को लेकर कहा कि मुस्लिम महिलओं को भी आरक्षण मिले।

विधेयक लाने की इतनी जल्दीबाजी क्या है?
विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि इन विधेयकों के माध्यम से जिस तरह परिसीमन को जनगणना से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है, वह संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक में पिछड़े वर्गों और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल किया कि सरकार को विधेयक लाने की इतनी जल्दीबाजी क्या है? उन्होंने कहा, ”आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते? जैसे ही जनगणना होगी, हम जातीय जनगणना की मांग करेंगे, जातीय जनगणना होगी तो हम आरक्षण की मांग करेंगे। इसलिए आप यह धोखा देना चाहते हैं।

सरकार जातियों की जनगणना का निर्णय पहले ही ले चुकी है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष सवालों का लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि देश में जनगणना की प्रक्रिया जारी है और जातियों के साथ ही यह जनगणना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण गैर-संवैधानिक है। ‘ शाह ने कहा कि सपा अध्यक्ष ने जातीय जनगणना की बात कही ”तो मैं बताना चाहता हूं कि सरकार जातियों की जनगणना का निर्णय पहले ही ले चुकी है और जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है।  शाह ने कहा, ”जनगणना में अभी घरों की गिनती हो रही है। घरों की कोई जाति नहीं होती। सपा का वश चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। जब घरों की गिनती के बाद नागरिकों की जनगणना होगी, उसमें जाति का कॉलम होगा।” उन्होंने कहा, ”धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम आरक्षण की गैर-संवैधानिक बात कही। है।

धर्म के आधार पर मुस्लिमों को आरक्षण गैर संवैधानिक
संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की कतई मंजूरी नहीं देता। मैं सरकार का संकल्प दोहराता हूं कि धर्म के आधार पर मुस्लिमों का आरक्षण गैर संवैधानिक है।” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भी धर्मेंद्र यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है और सदस्य को इस तरह की असंवैधानिक बात नहीं बोलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ”हम पूरे देश की महिलाओं की बात कर रहे हैं। आप केवल मुस्लिम महिलाओं की बात क्यों कर रहे हैं? यह राजनीतिक बयान है।” ने यह भी कहा, ”सपा चाहे तो सारी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।

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