सक्ती। सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को ग्राम पलाड़ीकलां के सैकड़ों ग्रामीणों ने बाराद्वार थाने का घेराव किया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी नरेंद्र यादव पर सरपंच के साथ गाली-गलौज करने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देने और पैसे लेकर जमीन पर कब्जा कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
थाना घेराव की सूचना मिलने पर आसपास के थानों के प्रभारी, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान सरपंच और थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस भी हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद ग्रामीण एसपी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी देकर वापस लौट गए।

थाने का घेराव करने के लिए ग्रामीण पहुंचे। थाना प्रभारी को बुलाया गया।
मामला निजी भूमि के अधिग्रहण से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2020 में ग्राम पंचायत डेरागढ़ निवासी बसंतलाल और संतोष जायसवाल की निजी भूमि के अधिग्रहण से जुड़ा है। उनकी जमीन पर तालाब पार और आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया था। भूमि के बदले मुआवजा या वैकल्पिक जमीन न मिलने पर दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट के आदेश से भूमि का सीमांकन हो रहा
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने 20 सितंबर 2024 को आदेश जारी कर ग्राम पलाड़ीकलां में वैकल्पिक भूमि आवंटित करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के तहत भूमि का सीमांकन किया जा रहा था।
शुक्रवार को कलेक्टर के आदेश के पालन में पटवारी और राजस्व निरीक्षक सीमांकन के लिए पलाड़ीकलां पहुंचे। ग्रामीणों ने आवंटित भूमि को लेकर पहले से दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध किया। इस विरोध के कारण राजस्व टीम को वापस लौटना पड़ा। बाद में पुलिस बल के साथ दोबारा गांव पहुंचने पर विवाद और बढ़ गया।
पुलिसवालों ने ग्रामीणों को समझाइश दी। इसके बाद ग्रामीण वहां से वापस गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान थाना प्रभारी ने फोन पर सरपंच को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और गाली-गलौज की। इस घटना के विरोध में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बाराद्वार थाने का घेराव किया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पर पैसे लेकर जबरन जमीन पर कब्जा कराने का भी आरोप लगाया है।
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस केवल राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद थी। उन्होंने थाना प्रभारी पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
पुलिस के साथ ग्रामीणों की काफी देर तक बहस होती रही।
ASP बोले- आरोप गलत, पुलिस ने केवल सुरक्षा दी
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि राजस्व विभाग ने सीमांकन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल की मांग की थी। उसी अनुरोध पर पुलिस टीम पटवारी और राजस्व निरीक्षक के साथ मौके पर गई थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सीमांकन टीम का घेराव कर दिया, जिसके कारण स्थिति को देखते हुए टीम को वापस लौटना पड़ा। बाद में सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे थे, जिन्हें समझाइश देकर शांतिपूर्वक वापस भेज दिया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
