कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL दीपका क्षेत्र में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को दबाने और ठेका कंपनी के कथित भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का गंभीर मामला सामने आया है। सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता ललित महिलांगे ने एसईसीएल के क्षेत्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO) और प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध न कराने पर कड़ा आक्रोश जताया है। अधिकारियों के इस अड़ियल और पारदर्शी-विरोधी रवैये के खिलाफ उन्होंने डाक (Speed Post) के माध्यम से केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) नई दिल्ली के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत कर चाही गई जानकारी उपलब्ध कराने तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।

30 दिन बीता, प्रथम अपील भी बेअसर
ललित महिलांगे ने बताया कि उन्होंने दिनांक 29/05/2026 को सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन लगाकर एसईसीएल दीपका क्षेत्र में कन्वेयर बेल्ट एवं साइलो परिचालन/मरम्मत कार्य में नियोजित ठेका कंपनी हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट से संबंधित वर्क ऑर्डर मजदूरों के भुगतान/पेमेंट शीट पीएफ (PF) ईएसआई (ESI) तथा सुरक्षा उपकरणों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे थे ।
निर्धारित समय-सीमा बीत जाने पर भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने दिनांक 03/07/2026 को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर की परंतु अपीलीय अधिकारी ने भी कोई आदेश पारित नहीं किया और न ही जानकारी प्रदान की जिससे साफ प्रतीत होता है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है ।
जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं
इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ललित महिलांगे ने कहा एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सूचना अधिकारी हेम्स कंपनी द्वारा कन्वेयर बेल्ट में काम करने वाले गरीब मजदूरों के शोषण और भ्रष्टाचार को छिपाने तथा दोषियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं इस कंपनी के कामकाज में भारी आर्थिक गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं ।
उन्होंने एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक फिल्मी संवाद का जिक्र करते हुए हुंकार भरी जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं कहने का मतलब यह है कि जब तक आरटीआई की पूरी प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं हो जाती और इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश नहीं हो जाता तब तक वे इस मामले का पीछा किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे ।
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) से की गई मुख्य मांगें
संपूर्ण जानकारी निःशुल्क प्रदान की जाए:- सीपीआईओ एसईसीएल दीपका क्षेत्र को निर्देश दिया जाए कि वह आरटीआई आवेदन दिनांक 29/05/2026 के अनुसार मांगी गई समस्त सूचनाएं एवं प्रमाणित दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए ।
दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई:- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के नियमों का उल्लंघन करने विलंब करने तथा जानकारी छिपाने वाले उत्तरदायी अधिकारियों पर कानूनन आवश्यक कार्रवाई की जाए ।
पारदर्शिता एवं न्याय:- मजदूरों के वेतन पीएफ और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक कर न्याय सुनिश्चित किया जाए ।
