जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बस्तर को नक्सलवाद से आजादी दिलाने को लेकर पॉलिटिकल बयानबाजी शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दावा है कि, बस्तर के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर का इलाका नक्सल हिंसा से मुक्त हो गया है। यहां सक्रिय नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं।
अब छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश ने दावा किया है कि जब राज्य में हमारी (कांग्रेस) सरकार थी तो बस्तर के 600 से ज्यादा गांवों को नक्सलवाद की जंजीरों से आजाद किया गया है। एनकाउंटर हुए नक्सलियों पर दबाव बढ़ा था।
दरअसल, छ्त्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है। पिछले लगभग 20 महिनों में 477 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है। वहीं साल 2025 में ही पुलिस ने 230 से ज्यादा नक्सलियों की डेड बॉडी रिकवर की है। पिछले महीने नक्सली लीडर रूपेश और सोनू दादा समेत 283 साथियों और हथियार के साथ समर्पण किया है।

अमित शाह ने एक्स पर लिखा था
नक्सलियों के आत्म समर्पण के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा था कि, यह हर्ष की बात है कि एक समय आतंक का गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर को आज नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब केवल साउथ बस्तर में ही छिटपुट नक्सली बचे हुए हैं। जिन्हें हमारे सुरक्षा बल के जवान जल्द ही समाप्त कर देंगे।
बस्तर दौरे पर थे पूर्व CM भूपेश
वहीं बस्तर के जगदलपुर दौरे पर पहुंचे पूर्व CM भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार में हमने करीब 600 से ज्यादा गांवों को नक्सलवाद से मुक्त करवाया। पहली बार हमारी सरकार में नक्सलियों को घेरकर उनके साथ लड़ाई की गई थी। हमने अपने जवान भी खोए हैं। लेकिन नक्सलियों को भी मार गिराने का काम हमारे शासनकाल में हुआ है।
पहले ऐसा होता था कि पैरा मिलिट्री के कैंप पर नक्सली हमला कर देते थे। लेकिन हमारी सरकार के समय किसी भी कैंप पर हमला करने की नक्सलियों की हिम्मत नहीं हुई। एक युद्ध की स्थिति बनी, जिसके बाद नक्सली बैकफुट में आए। बस्तर के मीनपा जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में हमने कैंप खोला।
पूर्व CM ने कहा कि, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर के अंदरूनी इलाकों तक हमारी पहुंच बढ़ी थी। हमारी सरकार में भरमार बंदूक के साथ किसी भी नक्सली ने सरेंडर नहीं किया। इंसास, AK-47 जैसे हथियार पकड़ने वाले नक्सली मारे गए। या तो वे सरेंडर किए। अभी की सरकार सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रही है। इनके पास कोई योजना नहीं है।
