सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में प्रज्ज्वलित किए गए ‘आशीर्वाद के दीये’
स्व सहायता समूह की दीदियों ने बनाई आकर्षक रंगोली, जनसेवा के प्रति जताया आभार
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार की संध्या को कोरबा जिले की ग्राम पंचायतों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अमृत सरोवरों के तट एवं परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं स्व सहायता समूह की दीदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किए और जनसेवा, समर्पण तथा जनकल्याण के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व सहायता समूह की दीदियों एवं ग्रामीण महिलाओं ने सेवा संकल्प अभियान की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाकर आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। दीपों की जगमगाहट और रंग-बिरंगी रंगोलियों से अमृत सरोवरों के तटों पर उत्सवी माहौल रहा। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विकसित भारत-जी राम जी योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और विकास के सामूहिक संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।
जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत का संकल्प

सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विगत 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा सेवा, समर्पण और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलेभर में जनभागीदारी से हुआ दीप प्रज्ज्वलन
इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा कोरबा जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 11 प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन का आयोजन किया गया। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार स्तर पर भी ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने की पहल की गई। पंचायत भवनों, अटल चौक,राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों एवं गैस केंद्रों के माध्यम से भी दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान में जनभागीदारी की गई।
दीपों की रोशनी से जन-जन तक पहुंचा सेवा का संदेश
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक सहभागिता और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश दिया। अमृत सरोवरों के तटों पर प्रज्ज्वलित दीपों के माध्यम से नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने तथा सेवा और समर्पण की भावना के साथ सहभागी बनने का संदेश दिया गया।
