रायपुर,एजेंसी। IIT के स्टूडेंट के सिलेबस में अब डिजिटल ह्यूमैनिटीज जैसे दूसरे सब्जेक्ट भी जुड़ेंगे। IIT मैनेजमेंट की माने तो न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत स्टूडेंट्स को इमर्जिंग टेक्निकल एरिया में स्पेशलाइजेशन देना है। जिससे वे फ्यूचर में इंडस्ट्री के चुनौतियों का सामना कर सकें।
नए सिलेबस में अनुभवात्मक और स्किल बेस्ड कोर्सेज को स्पेशल तवज्जो दी गई है। बीटेक पाठ्यक्रम में छात्रों को मेजर, माइनर और ऑनर्स के विकल्प दिए जाएंगे। तीसरे सेमेस्टर से स्टूडेंट किसी एक माइनर स्ट्रीम का चयन कर अपने मेन डिग्री के साथ एक एडिशनल सब्जेक्ट का एक्सपर्ट बन सकता है।
सभी ब्रांच के छात्रों के लिए होगा एक एडिशनल सब्जेक्ट
IIIT के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने बताया कि, संस्थान के शिक्षकों की टीम में अपनी विशेषज्ञता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर न्यू एकेडमिक स्ट्रक्चर को इस तरह तैयार है कि, इसका फायदा हर ब्रांच के हर स्टूडेंट काे भविष्य में मिल सके।
बीटेक के हर स्टूडेंट को हम उनके मेन सब्जेक्ट के साथ एक एडिशनल सब्जेक्ट चुनने का ऑप्शन देंगे। जो एडिशनल सब्जेक्ट स्टूडेंट सलेक्ट करेंगे। उसकी माइनर डिग्री कोर्स कम्पलीट करने साथ ही स्टूडेंट को दी जाएगी। जिससे तकनीक के इस बदलते दौर में उनके पास विकल्पों की कमी न हों।
इन सब्जेक्ट पर मिलेगी माइनर डिग्री
1. डिजीटल ह्यूमैनिटीज 2. साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक 3. डिजिटल मोबिलिटी-इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी 4.क्वांटम कम्प्यूटिंग 5. बिजनेस इंफोर्मेटिक्स
दो महीने से चल रहा था काम
2025 से बीटेक और एमटेक सहित पीएचडी कार्यक्रमों में भी यह पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। पिछले दो महीनों से IIIT की अकादमिक टीम इस डायरेक्शन में काम कर रही थी। संस्थान के बोर्ड ऑफ स्टडीज अकादमिक सीनेट ने इस नई संरचना को अप्रूव किया है।

