प्रसव के बाद महिला की मौत का मामला : महिला डॉक्टर डा. मनियारो कुजूर को हटाने की मांग
कोरबा । गत 1 जून को रिस्दी स्थित श्वेता नर्सिंग होम में प्रसव के बाद गोढ़ निवासी अंजलि सिंह की मौत हो गई। स्वस्थ बच्चें को जन्म देने के बाद महिला का अधिक रक्तश्राव होने लगा, लेकिन अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं था और ट्रेनी स्टाफ थे, जिसके कारण उसकी हालत बिगडऩे लगी। महिला को एनकेएच में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। नराज ग्रामीणों ने डाक्टर मनियारो कुजूर को हटाने एवं उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। अधिकारियों की समझाईश पर प्रदर्शन बंद किया गया।
पूरा मामला ये रहा…
प्रसव के बाद अंजली को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतिका के पति रणविजय सिंह के मुताबिक, रात के समय अस्पताल में न तो चिकित्सक मौजूद थे और न ही योग्य नर्सिंग स्टाफ। केवल ट्रेनी स्टाफ थे, उन्होंने ही दवा दी थी।
महिला की स्थिति बिगडऩे पर उसे न्यू कोरबा अस्पताल रेफर कर दिया गया था लेकिन उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने श्वेता नर्सिंग होम का घेराव किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अस्पताल पहुंचे और नारेबाजी की।
महिला डॉक्टर को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने महिला चिकित्सक डॉ. मनियारो कुजूर को अस्पताल से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण ही महिला की मौत हुई है।
श्वेता नर्सिंग होम के खिलाफ भडक़ा आक्रोश : धरने पर बैठे ग्रामीण
