जांजगीर। लगभग दस दिन अच्छी बारिश होने के बाद मानसून ने ब्रेक लिया है। सुबह सूर्य नजर आए, लेकिन दोपहर होते-होते बादल ने फिर आसमान को घेर लिया और शाम को बारिश भी हुई। जिले में औसत 1250 मिलीमीटर बारिश सालाना होती है, पर इस साल सावन से पहले अच्छी बारिश होने से नदी-नाले भरे नजर आ रहे हैं। चांपा से गुजरने वाली हसदेव नदी भी पाटो पाट बह रही है। नदी के पानी से एनीकट डूबा रहा।
एनीकट डूबा: 550 मिलीमीटर वर्षा होने से हसदेव का जलस्तर बढ़ा
