अपने हुनर से कमाई का सपना था, योजना से उसे पूरा करने का अवसर मिला” – जमुना कुर्रे
कोरबा 25 सितंबर 2026। अंत्योदय स्वरोजगार योजना के जरिए गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए ऋण सुविधा दी जाती है। योजना में स्वीकृत ऋण का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 हजार रुपये तक की राशि शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है। इससे अपने कौशल के आधार पर काम शुरू करने की इच्छा रखने वाले हितग्राहियों को जरूरी साधन जुटाने में सहायता मिलती है।
कोरबा जिले के रजगामार की जमुना कुर्रे भी इसी योजना से जुड़कर अपने सिलाई कौशल को कमाई के साधन में बदल रही हैं। उन्हें सिलाई का काम पहले से आता था। उनकी इच्छा थी कि घर से ही सिलाई सेंटर चलाकर नियमित आमदनी शुरू करें, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के चलते सिलाई मशीन खरीदना और काम के लिए जरूरी व्यवस्था करना संभव नहीं हो पा रहा था।
अंत्यावसायी विभाग के माध्यम से उन्हें अंत्योदय स्वरोजगार योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने कार्यालय जाकर योजना की शर्तों और आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त की और प्रक्रिया पूरी करते हुए आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। साथ ही 10 हजार तक शासकीय अनुदान भी उन्हें मिला। इसी राशि से उन्होंने सिलाई मशीन लेकर घर पर अपना काम शुरू किया।
जमुना अब कपड़ों की सिलाई के साथ कढ़ाई और पीको-फॉल का काम भी कर रही हैं। आसपास के ग्रामीण नियमित रूप से उनके पास कपड़े सिलवाने पहुंचते हैं। काम से उन्हें प्रतिमाह करीब 5 से 7 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इससे घर की आय में उनका योगदान बढ़ा है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी धीरे-धीरे बेहतर हो रही है।
जमुना कुर्रे अपने अनुभव को साझा करते हुए कहती हैं, “सिलाई मुझे आती थी और मन में अपना काम शुरू करने की इच्छा भी थी, लेकिन साधन जुटाना मुश्किल था। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद मैंने आवेदन किया। ऋण मिलने पर मशीन खरीदकर घर से काम शुरू कर सकी। अब आसपास के लोग सिलाई के लिए आते हैं और मुझे हर महीने आमदनी हो जाती है। इससे परिवार की जरूरतों में सहयोग करने का भरोसा बढ़ा है।”
घर से संचालित इस काम ने जमुना को परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपनी आमदनी का जरिया उपलब्ध कराया है। वे अपने काम को आगे बढ़ाते हुए अधिक लोगों तक सिलाई की सुविधा पहुंचाना चाहती हैं। उन्होंने स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
