मुंबई, एजेंसी। Apple ने एक बार फिर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी का ताज हासिल कर लिया है। सोमवार को कंपनी के शेयरों में करीब 1% की बढ़त दर्ज हुई, जिससे उसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.95 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। इसके साथ ही Apple ने AI चिप निर्माता Nvidia को पीछे छोड़ दिया।
वहीं, Nvidia के शेयरों में करीब 5% की गिरावट आई, जिसके बाद कंपनी का मार्केट कैप लगभग 4.77 ट्रिलियन डॉलर रह गया। दोनों कंपनियों के बीच पिछले कुछ समय से वैल्यूएशन को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
Nvidia पर दबाव उस रिपोर्ट के बाद बढ़ा, जिसमें कहा गया कि कंपनी OpenAI के ओहियो डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए करीब 250 बिलियन डॉलर की वित्तीय गारंटी देने पर बातचीत कर रही है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
AI खर्च में Apple की अलग रणनीति
Apple ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपेक्षाकृत कम निवेश किया है। जहां Alphabet, Microsoft, Amazon और Meta जैसी कंपनियां डेटा सेंटर और AI क्षमता बढ़ाने पर भारी खर्च कर रही हैं, वहीं Apple सीमित निवेश के साथ AI सेवाओं को विकसित करने की रणनीति अपना रहा है।
हाल ही में आयोजित Worldwide Developers Conference (WWDC) में Apple ने नए AI-सक्षम Siri को पेश किया, जिसमें बेहतर बातचीत, पर्सनल कॉन्टेक्स्ट की समझ और स्क्रीन पर मौजूद जानकारी के आधार पर जवाब देने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि उसका AI सिस्टम अधिकतर प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही करता है, जबकि जटिल कार्य Private Cloud Compute के जरिए पूरे किए जाते हैं।
निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर
Apple अब 30 जुलाई को अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद अपनी वित्तीय तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगा। इससे पहले कंपनी ने दूसरी तिमाही में 111.2 बिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17% अधिक था। प्रति शेयर आय (EPS) भी 22% बढ़कर 2.01 डॉलर रही।
