DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

फार्मेसी-काउंसिल के रजिस्ट्रार की नियुक्ति रद्द:हाईकोर्ट ने माना, काउंसिल को है रजिस्ट्रार की नियुक्ति का अधिकार, राज्य-शासन का आदेश अवैध, नई भर्ती की छूट

बिलासपुर,एजेंसी। हाईकोर्ट के जस्टिस पीपी साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद पर की गई नियुक्ति को अवैध माना है। कोर्ट ने नियुक्ति को रद्द कर दिया है। साथ ही कहा कि काउंसिल के प्रस्ताव के बगैर हुई नियुक्ति को वैध नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने राज्य शासन को फार्मेसी एक्ट 1948 और 1978 के नियमों के अनुसार नई नियुक्ति की छूट दी है।

दरअसल, रायपुर निवासी डॉ. राकेश गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, इसमें छत्तीसगढ़ राज्य फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार के पद पर 14 मार्च 2024 को हुई नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। याचिका में बताया गया कि अश्वनी गुर्देकर को रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति दी गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। इसलिए उनकी नियुक्ति निरस्त की जाए।

हाईकोर्ट बोला- रजिस्ट्रार की नियुक्ति का अधिकार फार्मेसी काउंसिल को है

इस मामले पर दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि फार्मेसी एक्ट 1948 की धारा 26 के अनुसार रजिस्ट्रार की नियुक्ति का अधिकार राज्य काउंसिल के पास है और राज्य सरकार की भूमिका केवल पूर्व स्वीकृति देने तक सीमित है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कानून किसी कार्य को एक विशेष तरीके से करने का प्रावधान करता है तो उसे उसी तरीके से किया जाना अनिवार्य है।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिस आदेश से रजिस्ट्रार का प्रभार दिया गया, उसके लिए काउंसिल की ओर से कोई प्रस्ताव या निर्णय रिकॉर्ड पर नहीं था। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा सीधे आदेश जारी करना वैधानिक प्रक्रिया के विपरीत पाया गया।

नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की छूट

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फार्मेसी एक्ट 1948 और 1978 के नियमों के अनुसार नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यानी कि हाईकोर्ट ने फार्मेसी काउंसिल को रजिस्ट्रार की नियुक्ति करने की छूट दी है।

Exit mobile version