माँ कात्यायनी स्वरूपा की पूजा की गई
कोरबा। सर्वसिद्धि प्रदात्रि माँ सर्वमंगला देवी की कृपा पात्र बनने के लिए आज शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन एवं आश्विन शुक्ल पक्ष षष्ठी को माँ सर्वमंगला की कात्यायनी माता स्वरूपा की पूजा अर्चना की गई और माँ सर्वमंगला से आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंदिर प्रबंधन परिवार ने दोपहर 12.00 बजे माँ कात्यायनी को फल का भोग लगाया गया। माँ कात्यायनी की कृपा से कई अद्भूत फल की प्राप्ति होती है।
असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय की भावना से ज्योति कलशों का दर्शन

असत्य से सत्य की ओर… अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो… का मन में भाव लेकर श्रद्धालु माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में स्थापित ज्योति कलशों की पूजा अर्चना कर रहे हैं। ज्योति कलशों के दर्शन करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और तेल तथा घी का कलश जलाने से पर्यावरण की भी शुद्धि होती है। ज्योति कलश जीवन में प्रकाश फैलाने का प्रतीक है और ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने से जीवन में अंधकार रूपी कलह का नाश होता है। जीवन में सुख समृद्धि एवं सम्पन्नता का आगमन होता है।
मानसिक ऊर्जा प्राप्त करने की यात्रा है नवरात्रि-नन्हा महराज
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया नवरात्रि माँ आदिशक्ति की उपासना का महापर्व है और नवरात्रि हमें नारी सम्मान का संदेश देती है। नवरात्रि मानसिक ऊर्जा प्राप्त करने की नौ दिन की यात्रा भी है। हम उपवास, मातारानी का दर्शन, ध्यान, पूजन, गरबा नृत्य तथा मन में सकारात्मक सोच ला कर विभिन्न माध्यमों से मातारानी को खुश कर अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं, यही नवरात्रि है। नमन पाण्डेय ने बताया कि नौ दिन की (इस बार दस दिन की) यह आध्यात्मिक यात्रा से हम मन की शुद्धि भी करते हैं। उपवास, पूजन एवं मातारानी के दर्शन से आत्मबल भी बढ़ता है। उन्होंने बताया जिसका आत्मबल पुष्ट होता है उसकी सफलता भी निश्चित है।
कल माँ कालरात्रि स्वरूपा की होगी पूजा
राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि कल सोमवार को माँ सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना माँ कालरात्रि स्वरूपा की होगी। माँ कालरात्रि को गुड़ और फल का भोग लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि माँ कालरात्रि की पूजा अर्चना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
