बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोमवार की देर रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने 22 मवेशियों को कुचल दिया, जिससे 17 गायों की मौत हो गई। 5 मवेशी घायल हैं। गौ-सेवकों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।
मिली जानकारी के मुताबिक रतनपुर से पेंड्रा जाने वाले मार्ग पर बारीडीह के पास सड़क पर गाय, बैल और बछड़ों के झुंड बैठे थे। इसी दौरान रतनपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने गायों को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन लेकर भाग निकला।
रतनपुर से पेंड्रा जाने वाले मार्ग पर बारीडीह के पास सड़क पर गाय, बैल और बछड़ों के झूंड बैठे थे।
गौ सेवकों ने जताया विरोध, थाने में की शिकायत
मंगलवार की सुबह गौ सेवकों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद आक्रोशित गौ सेवक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गौवंशों को इलाज के लिए भेजा। इसके बाद मामले की शिकायत रतनपुर थाने में की। गौ सेवकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सुबह लोगों ने देखा तब सड़क पर मरे पड़े थे मवेशी।
एसएसपी बोले- मवेशी मालिक और चालकों पर होगी कार्रवाई
वहीं बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि इस तरह से मवेशियों को सड़क पर छोड़ना मवेशी मालिकों की लापरवाही है। प्रशासन की तरफ से उन्हें मवेशियों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी लोग मवेशियों को सड़क पर छोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करती है, जिस जगह पर हादसा हुआ है, वो रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर है, जो करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस मामले में वाहन चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले में ड्राइवर के साथ ही मवेशी मालिकों के खिलाफ भी एक्शन लेगी।
नेशनल हाईवे पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
- रतनपुर के साथ ही सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के सिलपहरी नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को ट्रक ने कुचल दिया था।
- सिरगिट्टी चकरभाठा के बीच नेशनल हाईवे पर ट्रक ने सड़क किनारे बैठे 16 मवेशियों को कुचल दिया था। सभी की मौत हो गई थी।
- मस्तूरी-सीपत मार्ग पर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को ट्रक ने कुचल दिया था। जिससे बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत हुई थी।
- रतनपुर नेशनल हाईवे पर भैंस से टकराने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। वहीं, उसके पीछे बैठा युवक घायल हो गया।
तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने गौवंशों को कुचला।
हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर
बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है, लेकिन सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।
तखतपुर-मुंगेली, कोटा रोड, मस्तूरी, चकरभाठा के साथ ही सीपत रोड़ में शाम ढलते ही सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। लगातार हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है।
इस दौरान समय-समय पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है। जिसमें उन्हें सड़कों से मवेशियों को हटाने और निगरानी करने कहा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मवेशियों को हटाने ध्यान नहीं दे रहा।
गातापार-कोसमंदी मार्ग पर अलग-अलग जगहों पर 22 मृत गायें पड़ी मिली
अब जानिए हाईकोर्ट ने क्या कहा था ?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर मवेशियों की वजह से हो रही परेशानियों को लेकर जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई की थी। इस दौरान सीजे सिन्हा ने कहा था कि बरसात शुरू होते ही सड़कों पर मवेशी नजर आने लगे हैं।
कोर्ट ने कहा था कि यह शहर ही नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या है। अब यह गंभीर हो चुकी है। इसे संयुक्त प्रयास से ही समाधान किया जा सकता है। प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों के जमघट से होने वाली होने वाली परेशानियों को लेकर वर्ष 2019 में जनहित याचिकाएं लगाई गई थीं।
इसके बाद तब से लेकर अब तक हाई कोर्ट ने कई बार दिशा- निर्देश जारी किए हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने मार्च 2024 में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, एनएचएआई से जवाब मांगा था।
